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सामने आई बड़ी लापरवाही: पलट सकती थी बिहार संपर्क क्रांति, ड्रिल मशीन उछलकर फंस गई थी टैंक में, दो मुकदमे दर्ज

Tue, 13 May 2025 11:03 AM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

मामले में गाजियाबाद के एसएसई पीवे निलंबित कर दिए गए हैं। गाजियाबाद आरपीएफ पोस्ट में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं अलीगढ़ में अज्ञात पर मुकदमा हुआ है। 
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संपर्क क्रांति से 120 किलोमीटर तक रिसता रहा डीजल - फोटो : संवाद
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विस्तार
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11 मई को नई दिल्ली से चलकर दरभंगा जा रही बिहार संपर्क क्रांति गाजियाबाद से अलीगढ़ के बीच में पलट सकती थी। गाजियाबाद में रेलवे ट्रैक पर पड़ी ड्रिल मशीन उछलकर टैंक में घुस गई थी। अलीगढ़ में टैंक में फंसी ड्रिल मशीन को निकाला गया था। तब तक डीजल का भी रिसाव होता रहा। रेलवे की संयुक्त जांच में इसे बड़ी लापरवाही माना गया है। फिलहाल गाजियाबाद के एसएसई पीवे निलंबित कर दिए गए हैं। गाजियाबाद आरपीएफ पोस्ट में उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है। वहीं अलीगढ़ में अज्ञात पर मुकदमा हुआ है। 

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एसएसई पीवे की निगरानी में ही गाजियाबाद में रेलवे ट्रैक पर मरम्मत कार्य चल रहा है। इन पर कार्य निगरानी में लापरवाही बरतने का आरोप लगा है। इसके अलावा दो प्वाइंट्समैन व दो गेटमैन पर भी निलंबन की कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। गाजियाबाद से खुर्जा के बीच करीब चार ऐसे प्वाइंट पड़ते हैं जहां ट्रेन की स्पीड कम होती है। इसकी निगरानी और सूचना देने का कार्य प्वाइंट्स मैन का था, लेकिन किसी भी प्वाइंट्स मैन ने इसकी सूचना नहीं दी गई। हालांकि रेलवे अफसर अभी जांच जारी होने व तथ्यों के आधार पर ही कार्रवाई की बात कर रहे हैं।
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जांच जारी है। जो भी तथ्य व साक्ष्य प्रकाश में आएंगे या जांच कमेटी द्वारा जिम्मेदारी तय की जाएगी उसके अनुसार कार्रवाई होगी। एक मुकदमा गाजियाबाद आरपीएफ व दूसरा थाना जीआरपी अलीगढ़ में दर्ज कराया गया है। जांच में साफ हुआ है कि घटनास्थल गाजियाबाद का है। ऐसे में उत्तर मध्य रेलवे ने अपनी अभी तक की जांच रिपोर्ट नाॅर्दन रेलवे को भेज दी है। - शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी उत्तर मध्य रेलवे

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गाजियाबाद में ही डीजल टैंक में घुसी थी ड्रिल मशीन

रेलवे द्वारा गठित जांच कमेटी ने 11 मई के बाद दूसरे दिन 12 मई को भी गाजियाबाद से अलीगढ़ तक के 120 किलोमीटर लंबे रास्ते की सेक्शन वाइज गहनता से जांच की गई। यह भी जांच की गई कि ट्रेन 130 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से दाैड़ती रही और रास्ते में पड़ने वाले दादरी, मारीपत, बोडाकी, दनकाैर, खुर्जा, चोला, सोमना, कुलवा, महरावल स्टेशन समेत 14 स्टेशन पर तैनात कर्मचारियों ने ड्यूटी में क्या लापरवाही बरती है। यह भी साफ हुआ है कि गाड़ी नई दिल्ली से थ्रू आ रही थी। 

गाजियाबाद स्टेशन के पास 200 मीटर पूर्वी यार्ड में रेलवे फाउंडेशन को तोड़ने का काम चल रहा है। यहां काम कर रहे मजदूर लापरवाही से ड्रिल मशीन को रेलवे ट्रैक पर ही छोड़ गए थे। चोला स्टेशन व दादरी स्टेशन पर गेटों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के अनुसार मशीन डीजल टैंक में घुसी हुई थी। जबकि ट्रेन दादरी, मारीपत, लेबर गेट संख्या 148, 149 से धीमी गति से गुजरी थी। दादरी व मारीपत में तैनात प्वांइट्समैन व गेटमैन ने पाॅवर कार डीजल टैंक में फंसी ड्रिल मशीन को नहीं देखा।
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