पश्चिम बंगाल और बिहार से आने वाली ट्रेनों से बच्चों की तस्करी पर बिहार पुलिस भी गंभीर हो गई है। दिल्ली पुलिस भी मामले की जड़ तक पहुंचने में लग गई है। जिससे इन बच्चों की तस्करी करने वाले गिरोह का खुलासा हो सके। बृहस्पतिवार को इस मामले में बिहार पुलिस ने अलीगढ़ जीआरपी से जानकारी। बिहार और पश्चिम बंगाल से आने वाली ट्रेनों से अलीगढ़ में अब तक 23 बच्चों को बरामद किया जा चुका है।
इन बच्चों से बंधुआ मजदूरी कराने के लिए दिल्ली ले जाया जा रहा था। रविवार को आठ और मंगलवार को 15 मिला कर अब तक कुल 23 बच्चे मुक्त कराए जा चुके हैं। मामले में मंगलवार के मामले में चार आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। चार लोग ऐसे मिले जो बच्चों को लेकर दिल्ली जा रहे थे। इसमें बिहार के कटियार जिले के थाना वारसोई सरलपुर निवासी शंभू शर्मा, कटियार के थाना कदुवा -तैय्यबपुर निवासी तौहीद, थाना आजम नगर-खुडिय़ा निवासी नसीम अख्तर व बिहार के पूर्णिया जिले के थाना आमोर क्षेत्र के मैनापुर निवासी निजाम अंसारी शामिल हैं। शंभू के साथ चार बच्चे, तौहीर के साथ दो, नसीम व निजाम के साथ एक-एक बच्चा सफर कर रहा था। बाकी सात को अलग अलग बैठाया गया था। इस गिरोह के मास्टर माइंड व अन्य साथियों की तलाश में दिल्ली व बिहार की पुलिस से संपर्क किया गया था। वहां की पुलिस इनके बारे में जानकारी कर रही है।