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Bharat Ratna: तीन दशक तक रही चौधरी चरण सिंह की बादशाहत, ये था अलीगढ़ से नाता

Sat, 10 Feb 2024 04:03 AM IST
चमन शर्मा अभिषेक शर्मा, अमर उजाला, अलीगढ़

सार

भारत रत्न पाने वाले चौ.चरण सिंह का अलीगढ़ की सियासत से गहरा नाता रहा। तीन दशक तक यहां उनकी बादशाहत रही। जिले की सियासत में उनके दखल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी पत्नी व बेटी यहां से विधायक रहीं।
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चौधरी चरण सिंह - फोटो : डेमो
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विस्तार
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देश में चुनावी बिसात बिछने लगी है। देश के सर्वमान्य किसान नेता चौ.चरण सिंह को भारत रत्न की घोषणा ने अलीगढ़ जिले के जाटलैंड की सियासत में उत्साह का संचार कर दिया है। बात भी वाजिब है, क्योंकि चौ.चरण सिंह का अलीगढ़ की सियासत से गहरा नाता रहा। तीन दशक तक यहां उनकी बादशाहत रही। जिले की सियासत में उनके दखल का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनकी पत्नी व बेटी यहां से विधायक रहीं। उनके राजनीतिक दल लोकदल की बागडोर को आज भी उनके बेहद करीबी चौ.शिवदान सिंह के वंशज संभाल रहे हैं। हां, ये अलग बात है कि चौ.चरण सिंह के बाद इन दोनों परिवारों में दूरियां हो गईं। मगर इतिहास पर गौर करें तो चरण सिंह का अलीगढ़ से बेहद गहरा नाता रहा है।

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ये है चौ.चरण सिंह का सियासी जुड़ाव 
चौ.चरण सिंह के सियासी अतीत पर गौर करें आजादी के बाद चौ. चरण सिंह कांग्रेस के साथ ही थे। धीरे-धीरे पार्टी में यूपी के तीन गुट बने। जिनमें एक गुट अलीगढ़ के ही सीबी गुप्ता का, दूसरा पूर्वांचल के कमलापति त्रिपाठी का और तीसरा पश्चिम के चरण सिंह का बना। इनमें से कमलापति त्रिपाठी गुट में अलीगढ़ से मोहनलाल गौतम थे, जबकि चरण सिंह गुट में इगलास के कद्दावर जाट नेता चौ. शिवदान सिंह थे। इसी गुटबाजी का परिणाम रहा कि कांग्रेस ने इगलास से शिवदान सिंह का टिकट काटकर मोहनलाल गौतम को 1967 के चुनाव में लड़ाया। इससे चरण सिंह बेहद नाराज हुए। इन्हीं तमाम बातों को लेकर उन्होंने अलग संगठन बीकेडी बनाया, जिसमें सोशलिस्ट, जनसंघ आदि दल शामिल रहे। इस दल ने मिलकर 1967 में ही सरकार बनाई और खुद चरण सिंह मुख्यमंत्री बने। दो साल बाद उन्होंने विधानसभा भंग कर 1969 में फिर चुनाव कराया और इगलास से अपनी पत्नी गायत्री देवी को बीकेडी के बैनर से चुनाव लड़ाया। अलीगढ़ से इस दल ने कुल चार सीटें जीतीं। यूपी में 125 सीटें इस दल ने जीतीं। इगलास इस दल का सियासी केंद्र रहा और शिवदान सिंह उनके प्रतिनिधि रहे। यहीं से प्रदेश की सियासत चलने लगी।

लोकदल को नहीं मिली मान्यता, बीकेडी रहा बैनर
1974 के चुनाव में चरण सिंह ने लोकदल के नाम से पार्टी की मान्यता के लिए आवेदन किया। मगर मान्यता न मिलने के कारण बीकेडी के बैनर से ही चुनाव लड़ा गया। साथ में लोकदल का भी नया बैनर चुनाव में लहराया। देश के कई दिग्गज कर्पूरी ठाकुर, बीजू पटनायक, देवीलाल, सिद्धरमैया आदि इस दल में साथ रहे। इस चुनाव में इगलास व गंगीरी सीट बीकेडी ने जीती। इमरजेंसी के बाद सातों सीटों पर कब्जे का इतिहास भी 1977 में चरण सिंह के नेतृत्व में रचा गया। उन्हीं के नेतृत्व में कांग्रेस विरोधी सभी दलों ने जनता पार्टी के नाम से चुनाव लड़ा। अलीगढ़ में उनके करीबी राजेंद्र सिंह, बाबू सिंह, मोहज्जिज अली बेग चुनाव जीते। वहीं जनसंघ के कल्याण सिंह व किशनलाल दिलेर जीते। 1980 के चुनाव में जनता पार्टी सोशलिस्ट के नाम से चुनाव लड़ा गया। इस चुनाव में उन्होंने अपने उत्तराधिकारी के रूप में राजेंद्र सिंह की घोषणा कर दी। राजेंद्र सिंह को नेता विरोधी दल बनाया गया। इस बार भी जिले से तीन सीटों पर जीत दर्ज की गई।

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लोकदल का हुआ उदय, मुलायम सिंह भी साथ आए

हालांकि 1980 के चुनाव में लोकदल का उदय हो गया था। मगर 1984 के चुनाव में लोकदल को दर्जा मिला। इसी चुनाव में मुलायम सिंह की पार्टी में एंट्री हुई। उन्हें नेता विरोधी इसलिए बनाया गया कि चरण सिंह पर जातिवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा। इसी आरोप से बचने के लिए मुलायम सिंह को विरोधी दल के नेता का जिम्मा और राजेंद्र सिंह को प्रदेशाध्यक्ष का जिम्मा मिला। 1989 के चुनाव में पिता के देहांत के बाद अजित सिंह के हाथ पार्टी की कमान आई। यह चुनाव जनता दल के बैनर तले लड़ा गया, मगर पार्टी जिले में हारी। सिर्फ एक खैर सीट जीत सकी। खुद राजेंद्र सिंह इगलास से चुनाव हार गए।

चरण सिंह की बेटी को चुनाव जिताया, पर होने लगा अलगाव
1989 में ही अजित सिंह ने राजेंद्र सिंह को संसदीय बोर्ड का चेयरमैन बना दिया। बाद में विधानसभा चुनाव हारने के कारण उन्हें एमएलसी का चुनाव जिताया गया। 1991 के चुनाव में चरण सिंह की बेटी डॉ. ज्ञानवती को जनता दल से इगलास से चुनाव जिताया। मगर 1989 के चुनाव के बाद प्रदेश में मुलायम सिंह को मुख्यमंत्री बनाने संबंधी गठजोड़ के बाद से अजित सिंह व राजेंद्र सिंह में दूरियां होने लगीं। 1991 में दोनों परिवारों में अलगाव के चलते लोकदल की विरासत को लेकर टकराव हुआ तो अजित सिंह ने जनता दल के बैनर तले चुनाव प्रदेश में लड़ा। 1996 के चुनाव में मतभेद इस कदर दिखाई दिए कि जिले की एक भी सीट अजित सिंह न जीत सके। 2002 में रालोद जिले में चुनाव हारी। 2007 व 2012 में जरूर जिले में रालोद ने जीत दर्ज की। फिर 2017 से चुनाव हारती आ रही है। 

लोकदल आज भी राजेंद्र सिंह के परिवार के पास
दोनों परिवारों में मतभेद का परिणाम यह रहा कि चौ.राजेंद्र सिंह ने खुद को राजनीति से दूर कर लिया। मगर लोकदल को राजनीतिक रूप से कुछ लोग चलाते रहे। चुनाव आयोग ने भी यह कह दिया था कि चौ.अजित सिंह उनकी संपत्ति के वारिस हो सकते हैं। मगर दल के नहीं। 2004 में चौ.राजेंद्र सिंह के पुत्र चौ.सुनील सिंह सियासी तौर पर सक्रिय हुए और लोकदल के अस्तित्व पर ध्यान दिया। उस समय लोकदल हरियाणा के विधायक ओपी आर्या संभाल रहे थे। तब से सुनील सिंह ने लोकदल की कमान अपने हाथ में ली। तभी से अजित सिंह ने कल्पनाथ राय द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय लोकदल को अपने हाथ में ले लिया था। जिसे अब उनके पुत्र जयंत चला रहे हैं।

आठ माल एवेन्यू की सीएम हाउस कोठी सुनील सिंह के पास
चौ.चरण सिंह मुख्यमंत्री रहते लखनऊ के जिस आवास आठ माल एवेंन्यू में रहते थे। वही आवास उन्होंने राजेंद्र सिंह को बाद में प्रदेश का सिंचाई मंत्री बनने पर आवंटित कराया। जिसे चौ.राजेंद्र सिंह ने फ्री होल्ड करा लिया और आज वही आवास सुनील सिंह के पास है।

84 के चुनाव तक अलीगढ़ आए चरण सिंह
पुराने लोग याद कर बताते हैं कि चौ.चरण सिंह का अक्सर इगलास और अलीगढ़ आना रहता था। वे 84 के चुनाव में आखिरी बार आए थे। इसके बाद फिर आना नहीं हुआ।

भारत रत्न पर प्रतक्रियाएं

पूर्व पीएम एवं किसान मसीहा चौ. चरण सिंह को भारत रत्न दिए जाने पर धन्यवाद। ये लोक दल की पुरानी मांग है, जिसको लेकर सडक़ से सदन तक संघर्ष करते रहे हैं। लोक दल चौधरी चरण सिंह की नीतियों पर चला रहा, जिसकी वजह से आज यह सम्मान मिल है। यह किसानों की जीत है। एमएसपी कानून भी पूरा करें।-सुनील सिंह, राष्ट्रीय अध्यक्ष, लोकदल
भारत सरकार द्वारा किसान नेता व पूर्व प्रधानमंत्री चौ.चरण सिंह को देश के सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न दिए जाने का स्वागत करती हूं। यह सम्मान बहुत पहले ही मिल जाना चाहिए था। सरकार ने बहुत देर कर दी है। इस निर्णय व सम्मान के लिए देश के किसानों, मजदूरों सहित समस्त देशवासियो को हार्दिक बधाई।-लक्ष्मी धनगर, सपा जिलाध्यक्ष
पूर्व प्रधानमंत्री स्व चौ. चरन सिंह व पीवी नरसिंह राव को भारत रत्न से सम्मानित किया जाना स्वागत योग्य है। वह इस सम्मान के योग्य थे, परंतु भाजपा को अपने 10 साल के कार्यकाल को पूरा करने के बाद लोकसभा चुनाव 2024 से ठीक पहले इसकी घोषणा कर राजनीतिक फायदा लेना चाहती है। रालोद के अध्यक्ष चौ. जयंत को अपने साथ लेने के लिए की गई  सशर्त डील का हिस्सा है।-संतोष सिंह, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

यह सम्मान पूरी किसान बिरादरी का है। जाट वंशावली की ओर से भारत सरकार, का आभार व्यक्त करता हूं।-डा.पंकज चौधरी प्रदेश महासचिव जाट वंशवली
कृषि क्रांति के जनक प्रख्यात कृषि वैज्ञानिक एमएस स्वामीनाथन को भारत रत्न देने पर बीजेपी की केंद्र सरकार  का बहुत बहुत धन्यवाद, लेकिन देश के किसानों के लिए 17 साल से लंबित स्वामीनाथन रिपोर्ट भी लागू कर दी जाए तो सभी किसानों को भारत रत्न मिल जायेगा।-डॉक्टर शैलेंद्र पाल सिंह, किसान नेता
चौ. चरण सिंह को भारत रत्न देने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दिल से आभार व्यक्त करता हूं। ये सम्मान केवल चौधरी चरण सिंह का नहीं ही, ये भारतवर्ष के समस्त किसानों का सम्मान है।-सुनील पांडेय, वरिष्ठ भाजपा नेता
उनके कार्यकाल की नीतियों और योजनाओं का प्रमुख केंद्र किसान ही रहे। ऐसे में उन्हें यह सम्मान देना सरकार के लिए धन्यवाद है।-चौ.देवराज सिंह, पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा
यह मोदी सरकार की किसानों के मसीहा के लिए सच्ची श्रद्धांजलि है। अब समाज को आगामी लोकसभा चुनाव में नरेंद्र मोदी को 400 लोकसभा सांसद जितवाकर तीसरी बार प्रधानमंत्री बनाकर नवभारत निर्माण में सहभागी बने।-चौ.पुष्पेंद्र सिंह, भाजपा नेता

वे अकेले ऐसे नेता थे जिन्होंने सबसे पहले गांव गरीब व किसान की लड़ाई लड़ी। मुझे उनके नेतृत्व में जिला लोक दल का महामंत्री होने का सौभाग्य मिला। उनके नेतृत्व में किसानों की लड़ाई लड़नी सीखी। उनको मरणोपरांत ही सही भारत रत्न देने के लिए महामहिम राष्ट्रपति को धन्यवाद।-योगेश शर्मा एडवोकेट
चौ. चरण सिंह के योगदान का उचित सम्मान है। इसके लिए प्रधानमंत्री का आभार है। उनको भारत रत्न देने की मांग हम लोगों ने लंबे समय से की थी, आज यह मांग पूरी हुई।-शशी सिंह निदेशक, कोयला मंत्रालय भारत सरकार
देश के लिए हर्ष का विषय है कि सबसे पहले गांव गरीब व किसान की बात करने वाले चौ. चरण सिंह को भारत रत्न से सम्मानित किया गया। चूंकि अलीगढ़ जिले से उनका विशेष लगाव रहा। इसलिए जिले का हर किसान मजदूर और गरीब अति प्रसन्न है।-ठा.जयवीर सिंह, विधायक बरौली  
निर्णय बेहद सही है, मगर चुनाव के दौर में देर से लिया गया फैसला है। यह फैसला राजनीतिक फायदे के लिए लिया जाना प्रतीत हो रहा है। अगर यह सम्मान देना ही था, तो पहले दे देना चाहिए था। फिलहाल हम इसका स्वागत करते हैं।-विवेक बंसल, पूर्व विधायक, कांग्रेस नेता
किसान नेता व पूर्व प्रधानमंत्री को यह सम्मान देकर सरकार ने किसानों को खुश किया है। वहीं हर वर्ग के लोग इससे खुश हैं। हम सरकार के इस फैसले का स्वागत करते हैं।-विजय विक्रम सिंह, महानगर अध्यक्ष भाजपा किसान मोर्चा
केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, यह बेहद स्वागत योग्य है। इस फैसले का हम सम्मान करते हैं। चूंकि चौ.साहब का अलीगढ़ से विशेष लगाव था। इसलिए यह फैसला और ज्यादा स्वागत योग्य है।-चौ.कालीचरण सिंह, जिलाध्यक्ष रालोद
भाजपा सरकार व पीएम नरेंद्र मोदी के इस फैसले से चौतरफा किसान बिरादरी में खुशी है। इसकी जितनी प्रशंसा की जाए, उतनी कम है। हम इसका गर्मजोशी से स्वागत करते हैं।-कृष्णपाल सिंह लाला, जिलाध्यक्ष भाजपा।
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भारत रत्न मिलने पर खुशी जाहिर की

रालोद के कार्यकर्ताओं ने हर्ष और उल्लास के साथ चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्या अर्पण कर खुशी का इजहार किया एवं मिष्ठान वितरण किया। कार्यकर्ताओं में कहा कि स्व. चौ. चरण सिंह ने किसान के हितों के लिए अपने जीवन को समर्पित कर था। उनको भारत रत्न से नवाजे जाने पर किसानों का सपना साकार हुआ। वहीं खुशी मनाने वालों में कुलदीप चौधरी, दिवाकर गौड,  राम बहादुर चौधरी,  बीरपाल सिंह, दिवाकर, ओमपाल सिंह सूर्यवंशी, अमित ठेनुआ, पप्पू प्रधान, रिशिपाल मास्टर, अतुल सिंह आदि मौजूद रहे । 

इन्होंने भी जताई खुशी
इस फैसले पर डा.रक्षपाल सिंह, डा.पुष्पेंद्र पचौरी, बल्देव चौधरी सीटू, प्रत्येंद्रपाल सिंह गुड्डू आदि लोगों ने भी खुशी जताई है।

सर सैयद अहमद खां को भारत रत्न मिले : जमीरउल्लाह
सपा के पूर्व विधायक जमीरउल्लाह खान ने पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह, पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव और कृषि शास्त्री स्वामीनाथन को भारत रत्न मिलने पर स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि भाजपा एक तरफ कहती है कि सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास और दूसरी तरफ मुसलमानों को नजरअंदाज कर देती है। मुसलमानों में शिक्षा की क्रांति लाने वाले सर सैयद अहमद खान को भी भारत रत्न मिलना चाहिए था।  बनभूलपुरा इलाके में स्थित मदरसा मस्जिद को ध्वस्त करने पहुंची नगर निगम टीम, पुलिस और क्षेत्रीय लोगों के बीच हुए बवाल पर उन्होंने कहा कि लोकसभा चुनाव नजदीक हैं। भाजपा जानबूझकर ऐसी घटनाएं करवाएगी, जिससे भाजपा को चुनावी फायदा मिल सके। 
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