सेंटर प्वाइंट स्थित एक स्वीट्स की दुकान में भाई दूज पर मिठाई खरीदते लोग
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भाई-बहन के प्रेम का पर्व भाई दूज बृहस्पतिवार को पूरे उल्लास एवं पारंपरिक तरीके से मनाया गया। बहनों ने शुभ मुहूर्त में भाइयों के माथे पर मंगल तिलक कर आरती उतारी और उनके दीर्घायु की कामना की। इसके साथ ही भाइयों को मिठाई और मिश्री खिलाकर मुंह मीठा करवाया। भाइयों ने भी बहनों को आकर्षक उपहार भेंटकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया। साथ ही पैर छूकर मंगलमय जीवन का आशीष प्राप्त किया।
बड़ी संख्या में भाई और बहनें बुधवार को ही एक-दूसरे के घरों पर पहुंच गए थे। जो नहीं पहुंच सके वह बृहस्पतिवार को सुबह-सवेरे ही गंतव्य के लिए निकल पड़े। महिलाओं ने घरों में चौक सजाकर यम द्वितीया की कहानी सुनी और सुनाई।
भाइयों का मंगल तिलक किया। गोला और मिठाई देकर भाइयों के सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु की मंगल कामना की। भाईदूज पर गोले (नारियल ) देेने का भी बहुत महत्व माना जाता है। इसी परंपरा को बहनों ने निभाया और भाइयों को गोला भेंट किया। परंपरा निर्वहन के चलते बाजारों में भी गोले (नारियल) की काफी मांग रही।
उधर, मिठाई की दुकानों पर भी मिठाइयों की काफी मांग रही। स्टॉक में रखी हुई मिठाइयां भी बिक गईं। कई दुकानों पर मिठाई बिकने पर सुबह से ही ताले लग गए। फलों के अलावा सूखे मेवों की भी इस बार काफी मांग रही। गिफ्ट गैलरी और शोरूम के अलावा कपड़ों की दुकानों पर खूब बिक्री हुई।
अनुमान है कि भाईदूज पर मिठाई, ड्राईफ्रूट, फल, गिफ्ट आदि की करीब 150 करोड़ से अधिक की बिक्री हुई है। भाईदूज पर यमुना में स्नान करने का महत्व माना जाता है। यही वजह थी कि शहर से बड़ी संख्या में भाई और बहनों ने मथुरा पहुंचकर यमुना नदी में स्नान कर पूजा-अर्चना की। ऐसी मान्यता है कि यम द्वितीया पर स्नान करने से अकाल मृत्यु का भय नहीं रहता है ।