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जेल में भाइयों से मिलकर छलछला उठे बहनों के नैन

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जिला कारागार में भाई दूज पर भाईयों का तिलक करती बहनें। संवाद - फोटो : CITY OFFICE
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भाई दूज पर जेल के अंदर बंद अपने भाइयों से मिलने के लिए बड़ी संख्या में बहनें पहुंचीं। उन्होंने भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और दीर्घायु की कामना की। भाई-बहन के इस अटूट प्रेम बंधन के सुअवसर पर जब भाइयों को तिलक कर बहनें लौटने लगीं तब उनके आंसुओं से छलछला उठे नैन देखकर जेल के अंदर मौजूद अन्य लोग भी कुछ क्षणों के लिए भावुक हो उठे।
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भाईदूज पर 1890 बहनों और 741 बच्चों ने अपने भाइयों से मुलाकात की। वहीं 28 पुरुष ने भी जेल में बंद अपनी बहनों से मिलने पहुंचे। जेल प्रशासन ने भाई दूज के लिए विशेष व्यवस्था की थी। सभी बहनों को जेल के अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बहनों के लिए विशेष रूप से अपने भाइयों से मिलने की अनुमति दी गई थी।
बहनों ने जेल में बंद अपने भाइयों को टीका किया और उनकी लंबी उम्र की दुआएं मांगीं। भाइयों ने भी इस मौके पर अपनी बहनों की रक्षा का वचन दिया। भाई दूज का टीका करते समय बहनें खुश होने के साथ ही भावुक हो गईं। भैया दूज पर बहनों ने सुबह से ही व्रत रखकर अपने भाई के लंबी उम्र की कामना की। भाई को टीका करने के बाद ही उन्होंने अपना व्रत खोला।
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वहीं बंदियों के परिजनों की भीड़ को देखते हुए जेल प्रशासन ने कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की थी। लंबी लाइन लगी होने से बहनों को अपने भाइयों से मुलाकात करने में काफी देर तक इंतजार भी करना पड़ा। जब उनकी अपने भाइयों से मुलाकात हुई तो वह तमाम परेशानियों को भूल गईं और उनके चेहरे पर मुस्कान छा गई।
हालांकि वापसी के समय उनकी आंखें छलछला उठीं। इस दौरान कई बहनें अपने जज्बात पर काबू न रख सकीं और बिलख पड़ीं। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बड़ी संख्या में मुस्लिम बहनों ने भी जेल में पहुंचकर बंद भाइयों से मुलाकात की।
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