भाई को देख बहन रोक ने सकी आंसू
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भाई दूज पर बड़ी संख्या में बहनें जेल में बंद भाईयों से मिलने पहुंची। भाइयों के माथे पर तिलक लगाया और दीर्घायु की कामना की। भाई बहन के इस अटूट प्रेम को देखकर जेल के अंदर मौजूद अन्य लोग भी भावुक हो गए। भाइयों से विदा लेकर जब बहनें वापस चलीं तो उनकी आखें छलछला गईं। 707 बहनों और 241 बच्चों ने भाइयों और अपने परिजनों से मुलाकात की। 12 पुरुषों ने भी जेल में बंद बहनों से मुलाकात की।
जेल प्रशासन ने इसके लिए विशेष व्यवस्था की थी। सभी बहनों को जेल के अंदर जाने की अनुमति दी गई थी। वरिष्ठ जेल अधीक्षक बृजेंद्र सिंह यादव ने बताया कि पर्व को देखते हुए भाई बहन को मिलने की अनुमति दी गई थी। भाइयों को दूज का टीका करने के लिए बड़ी संख्या में बहनें जेल परिसर पहुंचीं। उनकी मिलाई कराई। बहनों ने भाइयों को टीका किया।
बहनें भाइयों को देख कर खुश होने के साथ ही भावुक भी हो गईं। टीका होने तक बहन और भाइयों ने व्रत किया। लंबी कतारों में बहनों ने काफी देर तक इंतजार किया। जब मुलाकात हुई तो वह तमाम परेशानी भूल गईं और उनके चेहरे पर मुस्कान आ गई। कई बहनें तो अपने जज्बातों पर ही काबू न रख सकीं और बिलख पड़ीं। इस अवसर पर बड़ी संख्या में मुस्लिम बहनों ने भी जेल में पहुंचकर बंद भाईयों से मुलाकात की।