सांकरा में गंगा नदी पर पुल का निर्माण भले ही सपा सरकार ने शुरू कराया और भाजपा शासन में पूरा होने की ओर है लेकिन सांकरा समेत आसपास के निवासी इसे श्रीमद्भागवत कथा के लिए गए संकल्प का परिणाम मानते हैं। वर्ष 2018 में तैयार होने वाले पुल का काम अभी भी जारी होने से बेचैन सांकरा गंगा घाट पर्यटन विकास समिति ने सांकरा गंगा घाट पर सात दिनों तक श्रीमद् भागवत कथा कराई। हवन और भंडारे का आयोजन किया ताकि अब पुल निर्माण में और विलंब न हो। जल्द पुल बनकर तैयार हो जाए और सांकरा समेत अलीगढ़ का बदायूं जिले से सीधा जुड़ाव हो जाए।
सांकरा (अलीगढ़) और मिठनपुर (बदायूं) जनपद को जोड़ने वाले गंगा नदी के इस पुल निर्माण के लिए सांकरा गंगाघाट पर्यटन विकास सेवा समिति रजि. ने वर्ष 2012 में मुहिम शुरू की थी। समिति के संस्थापक अध्यक्ष विनय यादव के अनुसार उसी समय समिति ने संकल्प लिया था कि सांकरा में गंगा नदी पर पुल बनते ही श्रीमद्भागवत कथा, हवन व भंडारा कराया जाएगा। इसी कड़ी में 14 मार्च से 21 मार्च तक भागवत कथा हुई और हवन व भंडारे के साथ कथा को विश्राम दिया गया।
इसके बाद पूर्व विधायक वीरेश यादव से लेकर शासन तक पत्राचार शुरू हुआ। 26 अक्तूबर 2012 को मुख्यमंत्री को संबोधित पहला मांग पत्र बीडीओ बिजौली को सौंपा गया। नौ अप्रैल 2014 को आलमपुर चौराहे पर लोकसभा चुनाव के दौरान सभा करने पहुंचे मुलायम सिंह यादव ने लोगों की मांग पर सांकरा पुल निर्माण का आश्वासन दिया था। तीन जुलाई 2016 को तत्कालीन लोक निर्माण विभाग मंत्री शिवपाल सिंह यादव ने पुल का शिलान्यास किया था। 82 करोड़ रुपये से अधिक की धनराशि पुल निर्माण के लिए स्वीकृत हुई थी। राज्य सेतु निगम और लोनिवि को पुल व सड़क निर्माण का जिम्मा मिला। वर्ष 2018 में यह पुल बनकर तैयार हो जाना था।
हमने संकल्प लिया था कि पुल बनने पर गंगा तट पर भागवत कथा कराएंगे। पुल अब तैयार होने वाला है, इसलिए आसपास के सभी गांववासियों के सहयोग से भागवत कथा कराई गई।
- विनय यादव, अध्यक्ष, सांकरा गंगाघाट पर्यटन विकास सेवा समिति रजि.।
अभी इनकी भी जरूरत
सांकरा गंगा पुल को जोड़ने वाले सभी मार्गों का निर्माण, सांकरा गंगा तट पर पक्के घाट का निर्माण, राजा शंकर सिंह के किले को पर्यटन स्थल का दर्जा, सरकारी अस्पताल, रोडवेज बस स्टैंड, सांकरा गंगा घाट पार्क का निर्माण आदि।
दावे हुए, लेकिन धन स्वीकृत नहीं
विनय यादव कहते हैं कि नौ जुलाई 2014 सांसद सतीश गौतम ने सांकरा गंगा तट पर हरिद्वार और ऋषिकेश की तरह पक्का घाट बनवाने की घोषणा की थी। इस पर कुछ नहीं हुआ। स्थानीय विधायक और प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री संदीप सिंह ने पिछले वर्ष गंगा यात्रा के दौरान गंगातट पर पहुंचे थे। समिति की ओर से उन्हें दस बचे कार्यों के लिए मांग पत्र सौंपा गया था लेकिन उस पर भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। पंचमुखेश्वर मंदिर सांकरा गंगा घाट के संस्थापक आशीष पुरी महाराज ने कहा कि जब तक सांकरा पर्यटन स्थल के रूप में विकसित नहीं हो जाता, संघर्ष जारी रहेगा।
सांकरा पुल पर कार्य करते मजदूर।- फोटो : GANGIRI