पुलवामा आतंकी हमले में शहीद हुए सीआरपीएफ जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए अमर उजाला द्वारा बुधवार को ‘एक शाम शहीदों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यश भारती प्राप्त गीतकार डॉ. विष्णु सक्सेना को एसएसपी की पत्नी डॉ. स्वास्ति राव कुलहरि ने सृजन सम्मान से सम्मानित किया। इस अवसर पर विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को वीमेन्स अचीवर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
उद्घाटन जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह ने दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उन्होंने कहा कि शहीदों को याद करना पूरे राष्ट्र का कर्तव्य है। कार्यक्रम में प्रसिद्ध गीतकार विष्णु सक्सेना ने शहीदों को समर्पित अपनी रचना प्रस्तुत करके सुनने वालों को देश भक्ति से सराबोर कर दिया। उन्होंने कहा कि जिनकी वजह से आज दीवाली और ईद है, ये सारी निगाहें भी उन्हीं की मुरीद हैं।
इससे पहले डॉ. दौलत राम शर्मा ने रचना प्रस्तुत की ‘चढ़ाओ शहीदों पे श्रद्धा सुमन, मेरे साथियो कर लो इनको नमन’। अशोक अंजुम ने कहा कि ‘इश्क पर कर शायरी, श्रृंगार पर कर शायरी, पर वतन की राह में तलवार पर कर शायरी’। प्रसिद्ध शायरा रिहाना शाहीन ने अपनी रचना ‘कुर्बानियां शहीदों की रखना नजर में तुम, दुश्मन की फौज मुल्क से जब तक हरा न दो’ प्रस्तुत करके सुनने वालों को अलग ही दुनिया में पहुंचा दिया।
डॉ. मुजीब शहजर ने कहा कि ‘आज की शाम शायरी अपनी, मैं शहीदों के नाम करता हू’। संचालन कर रहे हरीश बेताब ने कहा कि ‘तुम भी वीर सैनिकों अब के ऐसे बम बरसा देना, मरते मरते दुश्मन का नामो निशान मिटा देना’। डॉ. मंजू शर्मा वनिता ने कहा कि अपनी खामोशी का मतलब, वो तो कुछ और समझते हैं। इससे पहले सुधांशु गोस्वामी ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत की। देर रात तक श्रोता कविता के समंदर में गोते लगाते रहे।
नितिन घुटी, बिट संस्थान के डायरेक्टर मनीष शर्मा बिट, गौरव अग्रवाल, संजय माहेश्वरी, आरती मित्तल, मीनाक्षी नागपाल, सुनीता सिंह, मनोज जादौन, राजेंद्र वार्ष्णेय चीफ, वरिष्ठ कवि श्याम सुंदर सिंह श्याम, मजहर उल कमर, बार एसोसिएशन के सचिव अनूप कौशिक, एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष सैयद माजिन हसन जैदी, विपिन चौधरी, ललित उपाध्याय आदि मौजूद थे।