इन 12 व्यावसायिक बेसमेंटों को किया गया सील
- होटल व रेजीडेंसी- काव्या रेजीडेंसी (महुआखेड़ा), होटल मालान ( रोरावर - ग्रीन बेल्ट उल्लंघन), होटल जेपी इन (मसूदाबाद - बिना नक्शा व फायर एनओसी)।
- शोरूम व स्टोर्स- दीपक बर्तन भंडार व जय दीपक बर्तन भंडार (रामघाट रोड), रॉयल इनफील्ड सर्विस सेंटर, लेजर प्लानेट (रामघाट रोड)।
- नर्सिंग होम व अन्य - लोहचब नर्सिंग होम (डॉ. बीएस लोहचब), शीशमहल, टाउन कैफे और एन मेकओवर स्टूडियो (लेखराज नगर)।
- अवैध निर्माण- उदयसिंह जैन रोड पर अनुराग वार्ष्णेय का निर्माणाधीन दो मंजिला अपार्टमेंट।
पहली बार लाइब्रेरियों पर भी एक्शन, 11 संचालक भागे
जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. पूरन सिंह की टीम ने भी कोचिंग सेंटरों और लाइब्रेरियों पर बड़ा शिकंजा कसा। जांच टीम के पहुंचने की भनक लगते ही 11 कोचिंग संचालक संस्थानों पर ताला लगाकर मौके से भाग गए। 11 अन्य संस्थान बंद पाए गए।
डीआईओएस ने बताया कि जिन कोचिंग सेंटरों में पंजीकरण, अग्निशमन विभाग की एनओसी, आपातकालीन निकास, सुरक्षा उपकरण और अन्य जरूरी मानकों का पालन नहीं पाया गया, उन्हें तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया। शिक्षा विभाग की इस कार्रवाई से कोचिंग संचालकों में खलबली मच गई है।
घबराएं कोचिंग संचालक, बोले- साहब, एक मौका और दे दीजिए
बुधवार को कोचिंग सेंटरों पर चल रही सीलिंग कार्रवाई के बीच डीआईओएस कार्यालय का नजारा कुछ अलग ही दिखाई दिया। जिन कोचिंग सेंटरों पर सीलिंग कार्रवाई हुई है, उनके संचालक अपनी-अपनी फाइलें और दस्तावेज लेकर डीआईओएस कार्यालय पहुंच गए। मांग एक ही थी- खामियां दूर करने का मौका दे दीजिए, कोचिंग बंद होने से बड़ा नुकसान हो रहा है।
संचालकों ने बताया कि सुरक्षा मानकों और अन्य औपचारिकताओं से जुड़ी कमियों को जल्द पूरा कर लिया जाएगा। उनका कहना था कि संस्थान बंद होने से न केवल आर्थिक नुकसान हो रहा है, बल्कि छात्र भी लगातार दूसरे कोचिंग सेंटरों की ओर रुख कर रहे हैं। ऐसे में प्रवेश लेने वाले बच्चों की संख्या घटती जा रही है और संस्थानों के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा हो गया है। डीआईओएस ने कहा कि बिना मानक पूरा किए कोचिंग सेंटर संचालन की अनुमति नहीं दी जाएगी।