सिविल बार और फौजदारी बार एसोसिएशन के संयुक्त तत्वावधान में सिविल कोर्ट स्थापना दिवस की रजत जयंती शनिवार को मनाई गई। मुख्य अतिथि हाईकोर्ट के प्रशासनिक न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने कहा कि नगरीय स्तर पर कोर्ट न्याय की पहली महत्वपूर्ण सीढ़ी होती है। कोर्ट और वकील वादकारियों के हित में कार्य करते रहें।
उन्होंने कहा कि जूनियर वकीलों को वकालत के साथ कानून के बारे में पढ़ते रहना चाहिए। लोगों को घर के दरवाजे पर ही न्याय मिले, इसका प्रयास जारी है। अधिवक्ताओं ने दो ज्ञापन दिए, जिसमें मांग की गई कि अतरौली तहसील के बरला व गंगीरी थानों में दर्ज होने वाले वादों की भी सुनवाई अतरौली कोर्ट में हो। अतरौली में अपर जिला जज की तैनाती की भी मांग की गई। इस पर न्यायमूर्ति ने कहा कि अपर जिला जज का भवन जिला जज के भवन के स्तर का होता है। इस भवन निर्माण के लिए इतनी जमीन चाहिए कि जरूरत पड़ने पर आने वाले सौ वर्षों तक उसका विस्तार हो सके। अप्रैल तक जमीन का चयन कराने का प्रयास रहेगा। ई-लाइब्रेरी का भी शुभारंभ किया गया। संचालन सौरभ सक्सेना ने किया।
जिला जज संजीव कुमार, सीजेएम शिवम कुमार, एसीजेएम वकील जी, न्यायिक मजिस्ट्रेट कुमार आशीष, एसडीएम साहिल कुमार, सीओ सर्जना सिंह ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया। इस दौरान सिविल बार अध्यक्ष चंद्रशेखर राजपूत, फौजदारी बार अध्यक्ष नरेश कुमार, एडीजीसी जेपी राजपूत, नीलिमा पाठक, अनिल तोमर, मंसूर अली, अशोक कुमार, अतुल शर्मा आदि मौजूद रहे।