बांग्लादेशी नागरिक ने जन्म प्रमाण पत्र के लिए सेंटर प्वाइंट स्थित एक लोकवाणी केंद्र से आवेदन किया था। नगर निगम की जांच में सत्यापन करने वाले सुपरवाइजर, लिपिक, इंस्पेक्टर और नगर स्वास्थ्य अधिकारी की डिटेल सामने आ चुकी है। हालांकि, अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।
22 दिसंबर 2024 को बांग्लादेशी नागरिक सिराज को रेलवे रोड से पत्नी हलीमा के साथ एटीएस ने पकड़ा था। जांच में सिराज के पास से अलीगढ़ नगर निगम से 2016 में बना जन्म प्रमाण पत्र मिला था। जिसके बाद एटीएस ने जनवरी में नगर निगम से ब्यौरा मांगा था। सिराज मूल रूप से बांग्लादेश के जिला फरीदपुर में थाना भंगा के साउथ कालामरिधा का रहने वाला है। वह कई वर्षों से अलीगढ़ के भुजपुरा में रह रहा था। उसने 16 अगस्त 2016 में सिराज पुत्र पप्पू निवासी नगला आशिक, भुजपुरा के नाम से नगर निगम से जन्म प्रमाण पत्र बनवाया। जिसमें जन्मतिथि 1 जनवरी 1991 प्रदर्शित की।
इस मामले में सहायक नगर आयुक्त ने सिराज का जन्म प्रमाण पत्र को प्रस्तुत अभिलेखों का ब्यौरा वरिष्ठ लिपिक दिनेश कुमार, लिपिक सत्य प्रकाश, लिपिक चिरंजीलाल और नितिन गौड़ से मांगा था। जांच में सेंटर प्वाइंट स्थित एक लोकवाणी केंद्र से सिराज के जन्म प्रमाण पत्र के लिए आवेदन किया गया था। इसमें दो गवाह और सुपरवाइजर के रिपोर्ट के साथ इंस्पेक्टर और नगर स्वास्थ्य अधिकारी का नाम सामने आ चुका है।
बांग्लादेशी नागरिक के जन्म प्रमाण पत्र के दिए गए अभिलेखों की जांच की जा रही है। लोकवाणी केंद्र व लिपिक आदि का नाम सामने आ चुका है। जल्द ही अभिलेख मिल जाएगा। इसके बाद से इन पर विभागीय और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - विनोद कुमार, नगर आयुक्त, नगर निगम