बरला के नगला खिटकारी का युवक बादल बाबू
- फोटो : परिजन
पाकिस्तान की जेल में बंद थाना बरला के गांव खिटकवारी निवासी बादल बाबू और पाकिस्तानी युवती की प्रेम कहानी में नया मोड़ आ गया है। फेसबुक पर हुई दोनों की दोस्ती के सबूत कराची कोर्ट में रखने के लिए वहां के अधिवक्ता ने जुटा लिए हैं। 24 जनवरी को पाकिस्तान की पुलिस बादल बाबू को कोर्ट में पेश करेगी। उसका पक्ष रखने के लिए बादल बाबू के परिजनों ने कराची में अधिवक्ता नियुक्त कर लिया है। ऑनलाइन इस अधिवक्ता को तय किया गया, यहां से बादल के कागजात भी उनको ऑनलाइन भेजे गए हैं। जिनको कोर्ट में रखा जाएगा।
पाकिस्तान में पकड़े जाने के बाद पहचान पत्र के नाम पर कोई दस्तावेज नहीं दिखाने पर संदिग्ध मानते हुए बादल को 10 जनवरी को वहां की पुलिस के हवाले कर दिया गया था। पूछताछ पूरी होने के बाद वहां की पुलिस ने बादल को 24 जनवरी को कोर्ट में पेश करेगी। परिवार के लोग दिल्ली स्थित विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से भी मिले हैं। उनसे भी मदद मांगी गई है। गांव खिटकारी निवासी बादल बाबू के पिता कृपाल सिंह ने बताया कि उनके बेटे का सुराग मिल गया है। वह पाकिस्तान की पुलिस की हिरासत में है। पाकिस्तान के कराची शहर के रहने वाले एक अधिवक्ता से ऑनलाइन संपर्क किया है। उनके माध्यम से कोर्ट में सारे सबूत रखे जाएंगे। बादल के आधार कार्ड, पहचान पत्र, फोटो, शैक्षणिक आदि दस्तावेज ईमेल के जरिए अधिवक्ता के पास भेज दिए गए हैं।
कृपाल सिंह ने बताया कि जानकारी मिली है कि अब तक की पूछताछ व छानबीन में पाकिस्तान पुलिस द्वारा फेसबुक पर हुए प्रेम प्रकरण का खुलासा बादल की फेसबुक आईडी से हो गया है। बादल की फेसबुक से जुड़ी पाक युवती से पूछताछ की गई तो उसने भी स्वीकारा है कि बादल से केवल दोस्त के लहजे से बातचीत होती थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तान पुलिस अब बादल को 24 जनवरी को वहां की कोर्ट में पेश करेगी। परिजनों को उम्मीद है कि वह पाकिस्तान कोर्ट से बरी होकर जल्द ही अपने वतन लौटेगा। बादल के भाई रूपकिशोर ने बताया कि 27 दिसंबर को पकड़े जाने के बाद पाकिस्तान पुलिस ने 10 जनवरी को उसे कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद जांच करने के लिए 14 दिन की रिमांड पर ले लिया। दिल्ली में विदेश मंत्रालय के अधिकारी भी बादल की रिहाई को लेकर परिजनों के संपर्क में हैं।
इस प्रकरण में परिजनों ने भारतीय दूतावास से मदद मांगी थी। इसका एक पत्र भी लिखित में दिया था। अब इस मामले में दूतावास के स्तर से ही कार्रवाई होगी।
-योगेंद्र मलिक, सीओ एलआईयू।
प्रकरण में परिजनों के स्तर से मदद मांगे जाने पर नियम और कानून के दायरे में हर संभव मदद की जाएगी। प्रकरण की जानकारी जुटाई जा रही है।
-गर्वित सिंह, सीओ बरला।