जिले के अन्य निकायों पर गौर करें तो खैर नगर पालिका अध्यक्ष पद पर सर्वाधिक आबादी के अनुसार अनारक्षित किया गया है। वहीं ओबीसी की सर्वाधिक आबादी के आंकड़ों के अनुसार अतरौली को पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित किया है। नगर पंचायत गभाना, पिसावा, बरौली, हरदुआगंज, विजयगढ़ को भी आबादी के अनुसार अनारक्षित घोषित किया है। पिछड़ा वर्ग के लिए नगर पंचायत जलाली, कौडिय़ागंज, बेसवां, अनुसूचित जाति के लिए मडराक, चंडौस एवं महिला के लिए जवां-सिकंदरपुर, इगलास, पिलखना एवं छर्रा नगर पंचायत आरक्षित किया गया है।
इगलास आज तक नहीं हुई आरक्षित
जिले की इगलास नगर पंचायत एक ऐसी नगर पंचायत है, जो आज तक सामान्य या महिला के लिए आरक्षित हुई है। इसके अलावा वह किसी अन्य वर्ग में कभी आरक्षित नहीं हुई। इस पर तरह तरह की आपत्तियां आ रही हैं। हालांकि इस बार भी यह आबादी के अनुसार ही महिला के लिए रखा गया है।
दलों में आरक्षण के अनुसार प्रत्याशियों पर मंथन
इधर, आरक्षण व्यवस्था लागू होने के बाद सभी दलों में प्रत्याशियों को लेकर मंथन शुरू हो गया है। साथ में प्रत्याशियों के स्तर से भी दौड़ शुरू कर दी गई है। अब परिणाम आने वाले समय में ही सामने आएंगे।
ये है महानगर में आबादी अनुपात
- 1071930 लाख कुल आबादी 2011 की जनगणना के अनुसार
- 61 फीसदी करीब आबादी सामान्य श्रेणी की बसती है शहर में
- 22 फीसदी आबादी पिछड़ा वर्ग श्रेणी की शहर क्षेत्र में बसी है
- 17 फीसदी आबादी अनुसूचित वर्ग श्रेणी की शहर में बसती है