सोशल मीडिया पर एलोपैथी चिकित्सा पद्धति को लेकर वायरल हो रहे बाबा रामदेव का वीडियो देखकर इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के चिकित्सक भड़क गए हैं। आईएमए के पदाधिकारियों ने बाबा के बयान की तीखे शब्दों में निंदा की है। इसके साथ ही उनके खिलाफ महामारी रोग अधिनियम 1987, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 एवं भारतीय दंड संहिता की प्रासंगिक धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।
आईएमए शाखा के अध्यक्ष डॉ. विपिन गुप्ता, सचिव डॉ. भरत वार्ष्णेय एवं कोषाध्यक्ष डॉ. अभिषेक कुमार सिंह ने बयान जारी कर कहा है कि रामकिशन यादव उर्फ रामदेव बाबा ने खुलेआम और असंसदीय भाषा में एलोपैथी की आलोचना और अपमान किया है। उनका बयान बेतुका एवं विज्ञान का अपमान करने वाला है।
आईएमए पदाधिकारियों ने कहा है कि कोरोना काल में अपना कर्तव्य निभाते हुए 1200 से अधिक डॉक्टरों ने जान गवाई है। बाबा का बयान उनके बलिदान को खारिज करने का प्रयास है। ऐसे बयानों से हेल्थ वर्करों का हौसला भी पस्त होता है, जो फ्रंट लाइन वर्कर के तौर पर काम कर रहे हैं।