अमर उजाला ब्यूरो, अलीगढ़।
श्री वार्ष्णेय कॉलेज के शिक्षक संकाय विभाग (बीएड) के प्रशिक्षु मो. शमशेर आलम ने प्रोफेसर के खिलाफ कुछ लोगों को भेजकर मारपीट कराने, धार्मिक बातें करने और बिना पूछे व्यक्तिगत जानकारी के दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए गांधीपार्क थाने में तहरीर दी है।
गोरखपुर के मूल निवासी मो. शमशेर ने तहरीर में कहा कि असिस्टेंट प्रोफेसर विभाग में धार्मिक बातें करते हैं। यहीं नहीं बिना पूछे व्यक्तिगत जानकारी का दुुरुपयोग करते हुए उन्होंने एक छात्र संगठन में पंजीकरण करा दिया। विरोध किया तो उन्होंने गुंडों से सीधा कराने की धमकी दी। तहरीर में कहा है कि 20 फरवरी को कॉलेज से रूम की तरफ जाते समय एक पूर्व छात्र ने पांच से सात लड़कों के साथ मेरे साथ मारपीट की और लहूलुहान कर दिया। घटना का प्रत्यक्षदर्शी बीएड द्वितीय वर्ष का छात्र सुधांशु सिंह है। शमशेर ने भविष्य में कुछ अनहोनी होने का जिम्मेदार प्रोफेसर को ही ठहराया है।
इस संबंध में चीफ प्रॉक्टर महेश चंद्र वार्ष्णेय ने बताया कि शमशेर के साथ मारपीट कालेज से बाहर हुई थी। प्रोफेसर दोषी नहीं हैं, क्योंकि वह स्वयं शमशेर को लेकर थाने गए थे। यहां तहरीर भी लिखवाई और दो हजार रुपये देकर आर्थिक मदद भी की। इसके बाद शमशेर क्यों उन पर अनर्गल आरोप लगा रहे हैं। यह मामला विभागीय राजनीति का लग रहा है। पुलिस जांच से ही मामला स्पष्ट हो सकेगा। वहीं थाना पुलिस मामले में जांच की बात कह रही है।