पंचायत चुनाव की सरगर्मी लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में कांग्रेस छोड़ कर सपा में शामिल हुए नेताओं ने सियासी पारा और चढ़ा दिया है। शनिवार को पूर्व कांग्रेस जिलाध्यक्ष अश्विनी शर्मा, राजीव सेनानी, मनोज गुप्ता और अयाज शेरवानी सहित कई नेता सपा में शामिल हुए। सपा मुख्यालय में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सभी को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर पूर्व सांसद बिजेंद्र सिंह भी लखनऊ में मौजूद रहे।
सपा में शामिल होने वालों में कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष अश्विनी शर्मा, युवा नेता अयाज शेरवानी, पूर्व विधायक ठाकुर नेत्रपाल सिंह के पौत्र एवं उत्तर प्रदेश किसान कांग्रेस के पूर्व उपाध्यक्ष राजीव सेनानी, पूर्व अध्यक्ष सपा व्यापार सभा मनोज गुप्ता सहित कुछ प्रधान व अन्य लोग शामिल हैं। सपा में जाने वालों में बृजराज सिंह राणा का भी नाम शामिल है, लेकिन उनके पार्टी में शामिल होने का एलान एक दो दिन में होगा। तीन दिन पहले ही वह कांग्रेस की रेलवे रोड की बैठक में शामिल हुए थे।
बिजेंद्र सिंह भी डटे थे लखनऊ में
कांग्रेसियों के सपा में शामिल होने के दौरान पूर्व सांसद एवं हाल ही में सपाई हुए चौ. बिजेंद्र सिंह भी अपने कुछ साथियों के साथ लखनऊ में डटे थे। पूर्व सांसद ने पूर्व सीएम अखिलेश यादव, पूर्व मंत्री सलीम शेरवानी सहित अन्य नेताओं से मुलाकात कर मंच साझा किया।
उन्होंने कहा कि मजदूर, किसान और नौजवानों के हक की लड़ाई लड़ने में कांग्रेस फेल हो चुकी है। प्रदेश की जनता सपा की ओर मुड़ रही है। सपा ही भाजपा का विकल्प है। उनके साथ पंडित कपिल शर्मा, ठाकुर इंद्रदेव सिंह चौहान एवं लोकेश चौधरी उपस्थित रहे।
आलाकमान सोचे नहीं तो परिणाम गंभीर
पूर्व जिला को-ऑर्डिनेटर राजीव गुप्ता लीडर ने कहा कि अश्वनी शर्मा के सपा में जाने वह स्तब्ध हैं और उनकी नई राजनीतिक यात्रा पर उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं। राजीव ने कहा कि वह पार्टी हाईकमान से आग्रह करेंगे कि इस विषय पर गंभीरता पूर्वक विचार करें।
कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष हेमंत शर्मा ‘टोटो’ ने कहा कि पार्टी में वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा होने के कारण वह पार्टी छोड़कर जा रहे हैं। पंचायत चुनाव के बीच नेताओं का पार्टी छोड़ना शुभ संकेत नहीं है। इस पर नेतृत्व को गंभीरता से विचार करना चाहिए।