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जिले में औसतन 32 लोग प्रतिदिन हो रहे सक्रंमित

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सैनिटाइजर का छिड़काव करते कर्मचारी। - फोटो : CITY OFFICE
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कौशल कुमार ओझा
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ठीक एक साल पहले नौ अप्रैल 2020 को जिले में कोरोना का पहला संक्रमित मरीज मिला था, उसके बाद जिले में कोरोना का प्रसार बेहद तेजी से हुआ। साल भर में 11725 लोग संक्रमण की चपेट में आए। इस तरह प्रतिदिन औसतन 32 लोग कोरोना संक्रमित हुए, जबकि महीने में कोरोना संक्रमित होने दर औसतन 977 मरीज है।
9 अप्रैल 2020 को गोविंदनगर के फैज मस्जिद में फिरोजाबाद का 22 वर्षीय जमाती कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था। उसके बाद तो जिले में खलबली मच गई थी। युवक को हरदुआगंज के कोविड अस्पताल में भर्ती किया गया था। उसके बाद से लेकर आज तक जनपद में कोरोना से 11725 लोग संक्रमित हो चुके हैं, जिनमें से 11541 लोग स्वस्थ हो चुके हैं। वहीं, 20 अप्रैल 2020 को उस्मानपाड़ा निवासी 55 वर्षीय व्यक्ति की कोरोना से पहली मौत हुई थी। सरकारी आंकड़ों में अब तक 57 लोगों की मृत्यु दर्ज है।
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6.81 लाख से अधिक लोगों की हो चुकी जांच
अलीगढ़। महामारी की शुरूआत के बाद चीन के वुहान समेत देश-विदेश के कई शहरों से लोग यहां आए। शुरूआत में जांच एवं उपचार के लिए पर्याप्त संसाधन नहीं थे। बाहर से आने वाले लोगों के स्वाब का नमूना जांच के लिए दिल्ली एवं दूसरे शहरों में भेजा जाता था। फिर जेएन मेडिकल कॉलेज के वायरोलॉजी लैब में कोरोना की जांच शुरू हुई। उस समय रिपोर्ट के लिए तीन-चार दिन या उससे अधिक वक्त तक इंतजार करना पड़ता था। लोग आरटीपीसीआर जांच पर निर्भर थे। एंटीजन किट आने के बाद जांच में तेजी आई। बाद में पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में कोरोना जांच की लैब शुरू हुई। वर्तमान में औसतन 1000 से अधिक लोगों की जांच यहां हर दिन हो रही है। प्राइवेट लैबों को अनुमति मिलने से जांच में तेजी आई। जनपद में सात अप्रैल 2021 तक 681909 लोगों की आरटीपीसीआर, एंटीजन, ट्रूनॉट एवं सीबीनॉट से जांच हो चुकी है। इसमें प्राइवेट लैब की जांच शामिल नहीं हैं।
1.15 लाख लोगों को लग चुका है टीका
अलीगढ़। कोरोना के संक्रमण को थामने के लिए जनपद में 7 अप्रैल 2021 तक करीब 1.15 लाख लोगों को टीका लग चुका है। टीकाकरण की शुरूआत 16 जनवरी को हुई थी। सबसे पहले स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया गया था। उसके बाद फ्रंट लाइनर को लगा। तीसरे चरण में 60 वर्ष से अधिक उम्र के नागरिक एवं 45 वर्ष से अधिक उम्र के बीमार लोगों को टीका लगाया गया। एक अप्रैल से 45 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को टीका लगाया जा रहा है।
कोरोना काल में सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प
अलीगढ़। कोरोना काल में सरकारी अस्पतालों का कायाकल्प हुआ है। पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में आधुनिक सुविधा युक्त 25 बेड का आईसीयू है। आरटीपीसीआर जांच की सुविधा है। 100 बेड के अस्पताल में अब 315 बेड हो गए हैं। अन्य अस्पतालों में भी सुविधाओं में वृद्धि हुई है।
एक साल में संक्रमित मरीज - 11725
अब तक कोरोना जांच - 681909
अब तक स्वस्थ लोग - 11541
कोरोना से मृत्यु - 57
सक्रिय मरीज - 127
रिकवरी रेट - 98.43 प्रतिशत
पॉजिटिव रेट - 1.72 प्रतिशत
वर्तमान में स्थिति
- जेएन मेडिकल कॉलेज - 100 बेड, 13 मरीज
- दीनदयाल अस्पताल, 315 बेड, 78 मरीज
- वरुण हॉस्पिटल, 12 बेड, 6 मरीज
- मिथराज हॉस्पिटल- 20 बेड, 4 मरीज
- जनपद के बाहर - 14 मरीज
- होम आइसोलेट - 12 मरीज
हर स्थिति का मुकाबला करने को हम तैयार : सीएमओ
अलीगढ़। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. बीपी सिंह कल्याणी का कहना है कि दूसरी लहर का प्रभाव रोकने के लिए हम हर संभव प्रयास कर रहे हैं। इसकी वजह से प्रदेश के कई बड़े शहरों की तुलना में हमारे जनपद का परिणाम संतोषजनक है। जांच, उपचार, ट्रेसिंग एवं टीकाकरण पर अधिक जोर है। कोरोना के बढ़ते मामले को देखते हुए पं. दीनदयाल उपाध्याय संयुक्त चिकित्सालय में ओपीडी एवं इमरजेंसी सेवाएं रोक दी गई हैं। अब अस्पताल को पूरी तरह कोविड समर्पित कर दिया गया है। अतरौली एवं छेरत को तैयार रहने का निर्देश दिया गया है। तीन दिन की नोटिस पर कोविड-19 अस्पताल शुरू किया जा सकता है। ड्यूटी के लिए डॉक्टर एवं अन्य कर्मियों की योजना बन गई है। डॉक्टर, नर्स, एलटी, कंप्यूटर ऑपरेटर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आदि रखने के लिए शासन के पास डिमांड भेज दी गई है।
महामारी से लड़ाई में हम सबको अपने-अपने स्तर से योगदान देना चाहिए। जांच में सभी को सहयोग करना चाहिए। अधिक से अधिक जांच कराकर हमलोग दूसरी लहर को रोक सकते हैं।
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- अब्दुल अजीम, सामाजिक कार्यकर्ता
मास्क, दो गज की दूरी एवं बार-बार हाथ धोते रहकर हम कोरोना की चेन को तोड़ सकते हैं। संक्रमण से स्वयं बचे रहने का मतलब है कि अपने परिवार एवं दोस्तों को बचाए रखना है।
- तैयबा परवीन, सामाजिक कार्यकर्ता
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