महानगर के रामघाट रोड इलाके के बाइकर्स शरद गोस्वामी और जीतू चौधरी हत्याकांड में पुलिस ने आरोपी सजल चौधरी, पंकज और सचिन को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को एसएसपी कार्यालय पर एसपी (ग्रामीण) डॉ. ब्रजेश सिंह ने पत्रकार वार्ता में बताया कि इनके पास से आधा दर्जन पिस्टल, कारतूस और अन्य हथियार बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों पर पांच पांच हजार रुपये का ईनाम है।
आरोपियों को हरदुआगंज के बुढ़ासी से गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ मे पुलिस को पता चला है कि आरोपियों के पास और भी आटोमैटिक हथियार हैं। पुलिस के समक्ष सजल चौधरी ने कबूल किया कि उसने बदला लेने के लिए शरद की हत्या की थी क्योंकि शरद ने एक बार उसके भाई मनवीर पर और एक बार उस पर हमला किया था। आरोपी सजल चौधरी पर आधा दर्जन से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या और हत्या के प्रयास के मामले हैं। इसके अलावा अन्य दोनों पर भी मुकदमे दर्ज हैं। एसएसपी जे रविंद्र गौड़ ने पुलिस टीम को पांच हजार रुपये ईनाम की घोषणा की है।
क्वार्सी थाने के बगल में 3 मार्च को व हरदुआगंज मंडी के पास 31 मार्च को क्रमश:शरद गोस्वामी व जीतू चौधरी की हत्या कर दी गई थी। इन दोनों हत्याओं में सजल चौधरी सहित कई नामजद थे। जीतू की हत्या में सजल के साथ सपा युवजन सभा जिलाध्यक्ष राघवेंद्र सिंह कालू भाई सहित नामजद थे। घटनाओं में पहले ही दिन से सजल गैंग को सियासी सरपरस्ती के आरोप लग रहे थे।
इस बात को पिछले दिनों सजल गैंग के उन शूटरों ने बल दिया, जिन्होंने गिर तारी के बाद खुलासा किया कि किस तरह सजल गैंग को सियासी सरपरस्ती मिल रही थी। इसके बाद से पुलिस पर सजल गैंग की गिर तारी को लेकर ज्यादा दबाव था। वहीं शरद-जीतू के परिजन पुलिस पर आरोप लगा रहे थे। एसपी डॉ. ब्रजेश सिंह ने बताया कि इन लोगों ने एनसीआर मे अपने पैर जमा लिए थे। यह गैंग बना रहे थे। इनके गैंग में 12 से 14 लोग हैं।
एनसीआर में वसूली करता है सजल गैंग
अलीगढ़। जीतू और शरद गोस्वामी हत्याकांड के अलावा सजल चौधरी गैंग एनसीआर में लोगों को धमकाने व रंगदारी वसूलने का काम भी करता है। सजल चौधरी सहित तीन बदमाशों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस बात का खुलासा किया है। एसपी देहात डा. ब्रजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को पत्राकार वार्ता के दौरान बताया कि सजल चौधरी गैंग एनसीआर में लोगों को धमकाकर उनसे वसूली भी करता है। सजल चौधरी ने पूछताछ में बताया कि शरद ने ही उस पर दो बार हमला किया था। जिसका बदला उसकी हत्या कर ले लिया है।
हथियारों का बड़ा जखीरा कहां से आया
पिछले दिनों जब पुलिस ने सजल चौधरी गैंग के शूटरों को गिरफ्तार किया तब भी उनके पास से 9 एमएम की पिस्टलें मिलीं थीं, जो सजल द्वारा शूटरों को दी गई थीं। शुक्रवार को हुए खुलासे में सजल गैंग से पांच पिस्टल बरामद हुईं, जिनमें चार 9 एमएम व एक 32 बोर की हैं। बड़ी संख्या में कारतूस भी बरामद हुए। यहां प्रश्न विचारणीय है कि आखिर सजल गैंग के पास इतनी भारी मात्रा में हथियार कहां से आते हैं? इस बिन्दु पर एसपी देहात ने बताया कि पूछताछ में यह भी स्पष्ट किया जायेगा कि आखिर इतना बड़ा जखीरा कहां से आता है।
एनसीआर में वसूली करता है सजल गैंग
अलीगढ़। जीतू और शरद गोस्वामी हत्याकांड के अलावा सजल चौधरी गैंग एनसीआर में लोगों को धमकाने व रंगदारी वसूलने का काम भी करता है। सजल चौधरी सहित तीन बदमाशों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस ने इस बात का खुलासा किया है। एसपी देहात डा. ब्रजेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को पत्राकार वार्ता के दौरान बताया कि सजल चौधरी गैंग एनसीआर में लोगों को धमकाकर उनसे वसूली भी करता है। सजल चौधरी ने पूछताछ में बताया कि शरद ने ही उस पर दो बार हमला किया था। जिसका बदला उसकी हत्या कर ले लिया है।
हथियारों का बड़ा जखीरा कहां से आया
पिछले दिनों जब पुलिस ने सजल चौधरी गैंग के शूटरों को गिरफ्तार किया तब भी उनके पास से 9 एमएम की पिस्टलें मिलीं थीं, जो सजल द्वारा शूटरों को दी गई थीं। शुक्रवार को हुए खुलासे में सजल गैंग से पांच पिस्टल बरामद हुईं, जिनमें चार 9 एमएम व एक 32 बोर की हैं। बड़ी संख्या में कारतूस भी बरामद हुए। यहां प्रश्न विचारणीय है कि आखिर सजल गैंग के पास इतनी भारी मात्रा में हथियार कहां से आते हैं? इस बिन्दु पर एसपी देहात ने बताया कि पूछताछ में यह भी स्पष्ट किया जायेगा कि आखिर इतना बड़ा जखीरा कहां से आता है।