- लैब भवन का नक्शा पास हो
- स्वास्थ्य सुविधा पंजीकरण हो
- हर चिकित्सक का योग्यता प्रमाण पत्र
- उप्र मेडिकल काउंसिल से पंजीकरण
- प्रदूषण विभाग से पंजीकरण
- अग्निशमन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र
- एमडी पैथोलाजिस्ट
जिले में 20 लैब पंजीकृत हैं। जिले में संचालित बिना पंजीकरण लैब पर समय-समय पर कार्रवाई की जाती है। विभाग को शिकायत मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाती है। लोगों को भी जागरूक होना पड़ेगा।-डॉ. दिनेश खत्री, एसीएमओ
जिले में 20 पैथोलॉजिस्ट हैं, लेकिन शहर के लेकर देहात तक हजारों की संख्या बिना पंजीकरण और प्रशिक्षित स्टॉफ के लैब संचालित हैं। ऐसे में मरीजों की जिंदगी से खिलवाड़ हो रहा है। स्वास्थ्य विभाग केवल शिकायत आने पर ही कार्रवाई करता है।-डॉ. भरत वार्ष्णेय, एमडी पैथोलॉजिस्ट