स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) के एएमयू इकाई के सम्मेलन में प्रख्यात इतिहासकार प्रो. इरफान हबीब ने छात्रों से फिरकापरस्त ताकतों से लड़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि देश में आज स्वतंत्र विचारों पर हमले हो रहे है। एक तरह के सोच को थोपे जाने की मुहिम चल रही है।
रविवार को एएमयू इंपलाइज यूनियन के मो. यासिर सभागार में आयोजित कार्यक्रम में एएमयू इकाई का गठन किया गया। जावेद को सचिव एवं भव्य को अध्यक्ष चुना गया। वहीं नूरजहां एवं जिबिन को उपाध्यक्ष, अजहर और सफर को संयुक्त सचिव, पलक, अभिषेक, आकाश, शाहनवाज, आसिफ इकबाल को इकाई का सदस्य चुना गया। प्रो. इरफान ने कहा कि छात्रों की बुनियादों मांगों के सवाल पर एसएफआई लगातार लड़ता रहा है। यह एक जिम्मेदार संगठन है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए नमिता ने कहा कि एसएफआई का एएमयू में एक गौरवशाली इतिहास रहा है।
केंद्रीय सचिव मंडल सदस्य सुनंद ने कहा कि पूरे देश में शिक्षा पर हमले बढ़ रहे है। इसके लिए सभी छात्रों को लामबंद करना होगा।
सम्मेलन में कैंपस लोकतंत्र, जेेंडर संवेदनशीलता एवं एएमयू के ऑफ सेंटर के मुद्दे आदि पर प्रस्ताव पारित किया गया। इससे पूर्व कामरेड मो. यासिर के निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया गया। मो. यासिर की कुछ दिनों पहले गंग नहर में डूबने से मृत्यु हो गई थी। यासिर एसएफआई सदस्य थे।