देहली गेट क्षेत्र के वर्ष 2011 के हत्या के एक मुकदमे में गैर जमानती वारंट के तामील होने के बाद भी सीओ अछनेरा के गवाही देने न आने पर अदालत ने सख्ती दिखाई है। एडीजे-3 की अदालत से आगरा के सीओ अछनेरा के खिलाफ कुर्की आदेश जारी करते हुए वेतन से 1/5 अंश गवाही होने तक प्रतिमाह काटने के आदेश दिए हैं। एसएसपी आगरा को आदेश की प्रति भेजी है और चेतावनी है कि अवमानना पर इसे नोटिस माना जाएगा। अब इस मामले में 31 अगस्त तारीख नियत की है।
अभियोजन अधिवक्ता एडीजीसी केएम जौहरी के अनुसार, घटना 29 मई 2011 की है। अवैध संबंधों को लेकर कोतवाली क्षेत्र की पेंटर वाली गली के अब्दुल मन्नान की चाकुओं से गोदकर हत्या कर दी गई थी। शव देहली गेट के जंगलगढ़ी की गली में मिला था। पिता ने मामले में नामजद मुकदमा दर्ज कराया था। मुकदमे के तत्कालीन विवेचन एसओ देहली गेट राजीव सिरोही वर्तमान में आगरा जनपद में सीओ अछनेरा पद पर तैनात हैं। 5 अगस्त को अदालत ने उनके खिलाफ गैरजमानती वारंट जारी कर तलब किया था। वारंट तामील होने के बाद भी वे 22 अगस्त को नियत तारीख पर हाजिर नहीं हुए। इस पर अदालत ने उनके खिलाफ धारा 82 के तहत कुर्की आदेश जारी कर चल संपत्ति सीओ के वेतन में से 1/5 अंश प्रतिमाह गवाही देने आने तक वसूली के आदेश दिए हैं। साथ में एसएसपी आगरा को आदेश दिया है कि इस आदेश की अवमानना पुलिस अधिनियम के तहत नोटिस मानी जाएगी। अदालत ने इस मामले में अब 31 अगस्त को सीओ को तलब किया है। साथ में पैरोकार को आदेश की प्रति तत्काल मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।