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UP: एटीएस ने अलीगढ़ से बांग्लादेशी पति-पत्नी को किया गिरफ्तार, पश्चिम बंगाल का बता कर रह रहे थे, ऐसे आए भारत

Mon, 23 Dec 2024 09:00 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़

सार

एटीएस की फील्ड इकाई अलीगढ़ ने सिराज व हलीमा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में सिराज ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ दलालों के माध्यम से बेनाफुल बार्डर से सीमा पार करके भारत आया। पूर्व से रह रहे बांग्लादेशी व्यक्ति पप्पू की मदद से अलीगढ़ में स्वयं को पश्चिम बंगाल का निवासी बताकर रहने लगा ।
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गिरफ्तार सिराज और हलीमा - फोटो : यूपी एटीएस
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विस्तार
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यूपी एटीएस ने 23 दिसंबर को अलीगढ़ से बांग्लादेशी पति-पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों अपने आपको पश्चिम बंगाल का बता कर यहां रह रहे थे। दोनों ने कूटरचित दस्तावेज़ तैयार कराए थे। इन्हीं दस्तावेजों के आधार पर दोनों ने बैंक खाता खुलवाए और भारतीय पासपोर्ट बनवाया। दोनों ने चार माह पूर्व भारतीय पासपोर्ट से ही बांग्लादेश की यात्रा भी की।

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यूपी एटीएस द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार कुछ दिनों से एटीएस उत्तर प्रदेश को यह सूचना प्राप्त हो रही थी कि बांग्लादेश के रहने वाले कुछ नागरिक, अवैध रूप से भारत-बांग्लादेश की अन्तर्राष्ट्रीय सीमा को पार करके भारत आ रहे हैं। एजेंटों के माध्यम से अपने कूट रचित भारतीय दस्तावेज़ तैयार करवाकर स्वयं को भारतीय नागरिक के रूप मे प्रतिरूपित कर, भारत में बस रहे हैं। 

इस सूचना को पुष्ट करने पर यह बात सामने आई कि सिराज पुत्र सोराब मुत्तबर नाम का एक बांग्लादेशी व्यक्ति, एक महिला हलीमा पत्नी सिराज के साथ कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर स्वयं को भारतीय प्रतिरूपित कर, भारत में रह रहे हैं। इन लोगों ने कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर भार पासपोर्ट भी बनवा लिया है। दोनों दुबई, बंगालदेश व सऊदी अरब की यात्राएं भी कर चुके है।

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अलीगढ़ से सिराज-हलीमा को दबोचा

22 दिसंबर को एटीएस की फील्ड इकाई- अलीगढ़ ने 33 वर्षीय सिराज व 28 वर्षीय हलीमा को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। दोनों अलीगढ़ में नगला आशिक अली रोड, शाह कुतुबपुर में किराए के मकान में रह रहे थे। 

दोनों ऐसे आए भारत
पूछताछ में सिराज ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ दलालों के माध्यम से बेनाफुल बार्डर से सीमा पार करके भारत आया। पूर्व से रह रहे बांग्लादेशी व्यक्ति पप्पू की मदद से अलीगढ़ में स्वयं को पश्चिम बंगाल का निवासी बताकर रहने लगा । पप्पू की सहायता से ही इसके कूटरचित दस्तावेज़ तैयार किए गए थे। इन्ही दस्तावेजों के आधार पर सिराज और हलीमा के बैंक खाता खुलवाए गए और भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया। हलीमा और सिराज ने चार माह पूर्व भारतीय पासपोर्ट से ही बांग्लादेश की यात्रा की है। इस संबंध में लखनऊ के एटीएस थाना में मामला पंजीकृत किया गया है। 

यह हुआ बरामद
  • भारतीय आधार कार्ड
  • मोबाइल फोन
  • भारतीय वोटर कार्ड
  • भारतीय पैन कार्ड
  • एटीएम कार्ड
  • भारतीय पासपोर्ट
  • बांग्लादेशी पासपोर्ट की कॉपी -
  • बांग्लादेशी जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी -
  • पहचान पत्र (सऊदी अरब)
  • ईश्रम कार्ड
  • कोरोना वैक्सीन कार्ड
  • पीसीसी फॉर्म (विदेश मंत्रालय) कॉपी -
  • नकद 1250 रुपए
  • बैंक पासबुक
  • आय प्रमाण पत्र आदि ।
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