22 दिसंबर को एटीएस की फील्ड इकाई- अलीगढ़ ने 33 वर्षीय सिराज व 28 वर्षीय हलीमा को अलीगढ़ रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया। दोनों अलीगढ़ में नगला आशिक अली रोड, शाह कुतुबपुर में किराए के मकान में रह रहे थे।
दोनों ऐसे आए भारत
पूछताछ में सिराज ने बताया कि वह अपनी पत्नी के साथ दलालों के माध्यम से बेनाफुल बार्डर से सीमा पार करके भारत आया। पूर्व से रह रहे बांग्लादेशी व्यक्ति पप्पू की मदद से अलीगढ़ में स्वयं को पश्चिम बंगाल का निवासी बताकर रहने लगा । पप्पू की सहायता से ही इसके कूटरचित दस्तावेज़ तैयार किए गए थे। इन्ही दस्तावेजों के आधार पर सिराज और हलीमा के बैंक खाता खुलवाए गए और भारतीय पासपोर्ट बनवाया गया। हलीमा और सिराज ने चार माह पूर्व भारतीय पासपोर्ट से ही बांग्लादेश की यात्रा की है। इस संबंध में लखनऊ के एटीएस थाना में मामला पंजीकृत किया गया है।
यह हुआ बरामद
- भारतीय आधार कार्ड
- मोबाइल फोन
- भारतीय वोटर कार्ड
- भारतीय पैन कार्ड
- एटीएम कार्ड
- भारतीय पासपोर्ट
- बांग्लादेशी पासपोर्ट की कॉपी -
- बांग्लादेशी जन्म प्रमाण पत्र की कॉपी -
- पहचान पत्र (सऊदी अरब)
- ईश्रम कार्ड
- कोरोना वैक्सीन कार्ड
- पीसीसी फॉर्म (विदेश मंत्रालय) कॉपी -
- नकद 1250 रुपए
- बैंक पासबुक
- आय प्रमाण पत्र आदि ।