वरिष्ठ पत्रकार कुर्बान अली ने कहा है कि जनता पार्टी और भाजपा की सरकार के समय अटल बिहारी वाजपेयी और लाल कृष्ण अडवाणी ने यह कहा था कि 1965 में एएमयू के अल्पसंख्यक स्वरूप को जो समाप्त कर दिया है उसे वह बहाल करेंगे। लेकिन कुछ दिनों बाद जनता पार्टी सरकार गिर गई थी।
इस बात का उल्लेख भारतीय जनसंघ (1952-1980) एक दस्तावेज में मिलता है। उन्होंने कहा कि उस समय राम जेठमलानी पार्टी के उपाध्यक्ष थे और मुंबई से सांसद थे। उन्होंने 1979 में प्राइवेट मेंबर बिल पेश किया था। इस समय जो एएमयू के अल्पसंख्य स्वरूप का मामला है, उसका हल इसी बिल में है।
1981 में जब बिल पास हुआ उस समय राम जेठमलानी ने कहा था कि हालांकि यह मेरे विचार में नाकाफी है, लेकिन ज्यादातर लोक सभा के मुसलिम सांसद पक्ष में है इसलिए मैं समर्थन करता हूं। उस समय इंदिरा गांधी की सरकार तो सुब्रमण्य स्वामी और राम जेठमलानी ने समर्थन किया था इंदिरा सरकार के समय 22 दिसंबर 1981 को लोक सभा में एएमयू अल्पसंख्यक स्वरूप का बिल पास हुआ। 24 दिसंबर को राज्य सभा में पास हुआ।