एक महिला ने आशा कार्यकर्ता पर प्रसव पीड़ा होने पर सरकारी अस्पताल के बजाय एक अप्रशिक्षित डॉक्टर के यहां भर्ती कराने का आरोप लगाया है। कहा कि आशा कार्यकर्ता और अप्रशिक्षित डॉक्टर की वजह से उनकी जान जोखिम में पड़ गई थी। पीड़िता ने थाने में तहरीर दी है।
गांव उमरी थाना चंडौस निवासी रूबी पत्नी मोहित कुमार के अनुसार मामला सात अगस्त का है। आशा कार्यकर्ता प्रवेश देवी ने प्रसव पीड़ा होने पर निजी स्वार्थ के चलते गौमत चौराहा स्थित एक अप्रशिक्षित डॉक्टर के अस्पताल में भर्ती करा दिया था। वहां ऑपरेशन कर प्रसव कराया गया। इसके बाद अलीगढ़ के एक निजी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। वहां छह दिन इलाज चला। आठ दिन बाद रक्तस्राव हाेने लगा। इस पर 28 अगस्त को पुनः अस्पताल में 24 घंटे रखकर छुट्टी दे दी गई। लेकिन रक्तस्राव बंद नहीं हुआ। उक्त अस्पताल के संचालक ने हाथ खड़े कर दिए।
इसके बाद परिजन अलीगढ़ शहर ले गए जहां बताया गया कि बच्चेदानी में कट लगने से रक्तस्राव हो रहा है। जान बचाने के लिए बच्चेदानी निकलवानी पड़ी। वहीं चंडौस सीएचसी अधीक्षक का कहना है कि कई आशा कार्यकर्ताओं की निरंतर शिकायत मिली है। जांच कराकर आशा कार्यकर्ता प्रवेश देवी पर कार्रवाई की जाएगी।