नुमाइश मैदान में जलते रावण, मेघनाद और कुंभकरण के पुतले।
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अहंकार का अंत हुआ और आसमान आतिशबाजी की सतरंगी रोशनी से जगमगा उठा। नुमाइश मैदान में मंगलवार शाम जैसे ही प्रभु श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर रावण का वध किया, पूरा नुमाइश मैदान जय श्रीराम के जयकारों से गूंज उठा। शानदार आतिशबाजी ने लोगों का मन मोह लिया।
युद्धभूमि में श्रीराम और रावण की सेनाएं आमने-सामने थीं। दोनों के बीच घमासान युद्ध हुआ। इसी दौरान विभीषण ने श्रीराम को रावण की नाभि में अमृत होने का रहस्य बताया। प्रभु श्रीराम ने प्रत्यंचा खींचकर अग्निबाण छोड़ा, जो सीधे रावण की नाभि में लगा। अमृत छलकते ही रावण धराशायी हो गया।
इसके साथ ही रावण, मेघनाद और कुंभकरण के विशालकाय पुतले धू-धू कर जल उठे। आतिशबाजी और रंग-बिरंगी रोशनी ने विजयदशमी की शाम को यादगार बना दिया। मैदान में मौजूद महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने परिवार के साथ इस दृश्य का आनंद लिया।
कई लोग मोबाइल में तस्वीरें और वीडियो बनाते नजर आए। इस मौके पर हनुमान, सुग्रीव, अंगद और जामवंत सहित वानर सेना के जयघोष के बीच श्रीराम की विजय का उत्सव मनाया गया। रावण दहन के बाद लाैट रही भीड़् से जीटी रोड, आईटीआई रोड पर जाम लग गया।