नाबालिग की शादी होने की सूचना पर शादी रूकवाने पहुँची कृष्णा गुप्ता।
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शादी करने अलीगढ़ पहुंचा युवक थप्पड़ खाकर रोते हुए वापस दिल्ली लौट गया। इसको लेकर आर्य समाज मंदिर में जमकर हंगामा हुआ। युवक एवं युवति को थप्पड़ भी पड़े। जाति, धर्म एवं इज्जत की दुहाई देकर समाज के कथित रखवालों ने एक बालिग जोड़े को शादी से रोक दिया गया।
दिल्ली के रघुवीर नगर के युवक की मानिक चौक क्षेत्र की युवती से फेसबुक पर दोस्ती एवं प्यार हुआ। युवक एक बार युवती से मिलने अलीगढ़ आया था। मंगलवार को युवक एवं युवति शादी करने अचल ताल स्थित आर्य समाज मंदिर पहुंच गए। युवक सिख एवं युवती हिंदू है। युवती के साथ गवाह के रूप में उसकी बहन भी आई थी।
हालांकि प्रेमी जोड़ों ने शादी की सूचना अभिभावकों को नहीं दी थी। इसकी भनक लगने के बाद भाजपा नेता कृष्णा गुप्ता, हिंदू जागरण मंच की वीरांगना वाहिनी की प्रदेश मंत्री रेणुका सिंह, सभासद लक्ष्मी नारायण लच्छो, गन्ने पहलवान एवं भाजपा युवा मोर्चा के कुछ कार्यकर्ता पहुंच गए और विरोध करने लगे। भाजपा एवं मंच नेताओं तथा आर्य समाज मंदिर के कर्मचारी के बीच जमकर हंगामा हुआ। लड़की के पिता को फोन कर बुला लिया गया। लड़के के परिजनों से फोन पर बातचीत के दौरान पता चला कि वह लोग भी पूरे प्रकरण से अनभिज्ञ है। परिजनों द्वारा लड़की एवं लड़के को थप्पड़ मारे गए।
आर्य समाज मंदिर के पदाधिकारियों पर आरोप है कि वे लोग साढ़े तीन हजार के बदले 8 हजार रुपये लेकर किसी की शादी करा देते हैं। समाज की दुहाई देकर आर्य समाज पर अन्य कई आरोप लोग लगा रहे हैं। रेणुका सिंह का कहना है कि यह सही है कि किसी बालिग को शादी करने से नहीं रोक सकते। लेकिन अपने शहर में अपने बच्चों के साथ ऐसा घिनौना कार्य करने होने देंगे। उनका कहना है कि हमलोगों ने मारपीट नहीं की। लड़की के पिता द्वारा लड़का को थप्पड़ मारा था। कृष्णा गुप्ता का कहना है कि लड़की को उसके पिता ने थप्पड़ मारा था।
इस संबंध में आर्य समाज मंदिर के प्रधान महान प्रताप सिंह का कहना है कि दो बालिग युवक अपनी मर्जी से शादी कर रहे थे लेकिन मारपीट कर उन्हें शादी से रोक दिया गया। हमारे कर्मचारियों के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। 8 हजार रुपये लिए जाने के संबंध में उनका कहना है कि इसमें पंडित फीस, हवन-पूजन सामग्री, फूल-माला, संस्कार, मिठाई, फोटोग्राफर आदि के पैसे होते हैं। बाहर के लोग सामान खरीदने के लिए कर्मचारियों को पैसे दे देते हैं। उन्हें स्थानीय बाजार की जानकारी नहीं होती। इस संबंध में किसी भी तरफ से थाने में तहरीर नहीं दी गई है। मंदिर के प्रधान ने कहा कि वह डीएम एवं सीएम को लिखेंगे।