पूर्व मंत्री जयवीर सिंह के पुत्र और 2014 के लोकसभा चुनाव में दूसरे नंबर पर रहे डॉ. अरविंद सिंह चौहान ने 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारी कई माह पहले से ही कर ली थी। इसके संकेत उन्होंने अपनी फेसबुक वॉल पर दे दिए थे। फेसबुक वॉल पर बसपा के कार्यक्रम में शामिल होने के दौरान के अपने फोटो के साथ उन्होंने ‘एक नए युग की शुरुआत, बस चाहिए आपका साथ’ के संदेश के साथ वीडियो अपलोड किया। वीडियो में उन्होंने बदलाव के लिए लोगों से 40 दिन का साथ मांगा। इसी दौरान उन्होंने बसपा के कार्यक्रम का फोटो हटाकर अपने संदेश और फोटो के साथ तिरंगा लगा लिया। यहीं से संकेत मिलने लगे थे कि अरविंद सिंह कुछ नया करने जा रहे हैं। नतीजा निकला कि शनिवार की देर रात कांग्रेस के दिल्ली कार्यालय से जारी हुई लोकसभा प्रत्याशियों की सूची में गौतमबुद्ध नगर से अरविंद सिंह का नाम प्रत्याशी के रूप में था।
बसपा के कद्दावर नेता ठा. जयवीर सिंह जब भाजपा में शामिल हुए तो कयास लगाए जा रहे थे कि सांसद रह चुकीं उनकी पत्नी राजकुमारी चौहान और उनके पुत्र 2014 में अलीगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ चुके डॉ. अरविंद सिंह भी भाजपा में शामिल हो जाएंगे। इस दौरान ठा. जयवीर सिंह और उनके जिला पंचायत अध्यक्ष भतीजे उपेंद्र सिंह नीटू तो भाजपा में सक्रिय हुए लेकिन डॉ. अरविंद सिंह बसपा में ही बने रहे।
हालांकि बसपा में अरविंद सिंह की सक्रियता नहीं थी, लेकिन उनके फेसबुक वॉल पर बसपा के कार्यक्रम के दौरान का ही फोटो लगा रहा। इसी दौरान ठा. जयवीर सिंह के छोटे बेटे अभिमन्यु सिंह का अलीगढ़ में प्रचार शुरू हो गया। प्रचार इस स्तर पर था कि उनके होर्डिंग से शहर को पाट दिया गया। चर्चा शुरू हुई कि अभिमन्यु सिंह भाजपा से टिकट के दावेदार हैं। इसी दौरान गौतमबुद्ध नगर क्षेत्र में अरविंद सिंह के होर्डिंग लगने शुरू हो गए। उनके होर्डिंग की कलर स्कीम कांग्रेस की थीम से मेल खा रही थी इसी से कुछ लोग कहने लग गए थे कि कहीं वह कांग्रेस से लड़ने की तैयारी तो नहीं कर रहे हैं। इस संबंध में जब भी ठा. जयवीर सिंह तथा उनके नजदीकियों से जानकारी की गई तो कुछ भी स्पष्ट नहीं हुआ।
इधर ठा. जयवीर सिंह के छोटे बेटे अभिमन्यु सिंह को अलीगढ़ सीट से भाजपा के टिकट का दावेदार माना जा रहा है, लेकिन उनके भाई को कांग्रेस का टिकट मिलने के बाद तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। चूंकि शनिवार की रात को भाजपा प्रत्याशियों की सूची भी जारी होनी थी इसलिए लोग देर रात तक दिल्ली में बैठे भाजपा के बड़े नेताओं से संपर्क में जुटे रहे।