अपने जिले के कुख्यात अपराधी अरुण फौजी व प्रेमवीर बॉबी जाट जेल से भागने की फिराक में हैं। इस तरह का इनपुट एसटीएफ ने जुटाने के बाद संबंधित जेलों व जेल प्रशासन को अलर्ट जारी किया है। इन अपराधियों की निगरानी तो बढ़ाई ही जा रही है। साथ ही प्रयास किए जा रहे हैं कि इनकी अदालतों में पेशी वीडियो कांफ्रेंसिंग में कराई जाए। एसटीएफ ने विभिन्न जेलों में निरुद्ध प्रदेश भर में इस तरह के 50 अपराधियों को लेकर अलर्ट जारी किया है। हालांकि अरुण फौजी इन दिनों राजस्थान की सेवर और प्रेमवीर बॉबी आगरा जेल में निरुद्ध है। मगर यह दोनों अपने जिले के रहने वाले हैं, इसलिए स्थानीय स्तर पर भी इसे लेकर सतर्कता को कहा गया है, क्योंकि इनको इस तरह की मदद अपने जिले से या घर से आने वाले मुलाकातियों से ही मिल सकती है।
इन दोनों अपराधियों को लेकर इनपुट दिया गया है कि अनगिनत मुकदमों की फेहरिस्त होने के कारण जमानत हो पाना संभव नहीं है। इसलिए यह अपराधी लंबे समय से जेल में रहने के कारण खुद फरारी की प्लानिंग में हैं। अरुण फौजी को लेकर तो यह भी उजागर है कि वह करीब तीन साल पहले पंकज उर्फ भोला की मदद से मथुरा में ट्रेन से पुलिसकर्मियों पर हमलाकर भाग चुका है। इससे पहले भरतपुर से भी उसने भागने की प्लानिंग बनाई थी। भोला के भागने के बाद अरुण के भागने की प्लानिंग थी। मगर भोला के एन्काउंटर के चलते वह शांत बैठ गया था। एसटीएफ के इस इनपुट के बाद स्थानीय स्तर पर भी उनके करीबियों पर नजर रखी जा रही है। वहीं जेल प्रशासन को आगाह किया गया है।
दोनों का प्रोफाइल
अरुण फौजी : लोधा के गांव लौहर्रा निवासी अरुण फौजी कभी सेना में रहा है और एनएसजी ट्रेनिंग प्राप्त कमांडो रहा है। गांव की रंजिश से अपराध की दुनिया में कदम रखने के बाद पश्चिमी यूपी, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा में संगीन अपराध किए। आईओसी इंजीनियर अपहरण कांड, श्रीधाम एक्सप्रेस कांड में सोनू गौतम का साथी रहा फौजी करीबी साथी नगनू की हत्या के बाद से उसका धुर विरोधी हो गया और दो साल पहले फरीदाबाद पुलिस ने उसे बन्नादेवी पुलिस की मुठभेड़ में मारे गए 50 हजार के इनामी पंकज उर्फ भोला के साथ गिरफ्तार किया था। वर्तमान में वह गांव का प्रधान भी है।
प्रेमवीर बॉबी : इगलास के गांव साथिनी निवासी प्रेमवीर बॉबी पश्चिमी यूपी, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान में जरायम पेशेवर पुष्पेंद्र जाट, राकेश हसनपुरिया, बंटी गुर्जर का सहयोगी रहा है। सेवर के जेलर की हत्या, मथुरा का चर्चित माहेश्वरी अपहरण जैसे कांड उसके सिर रहे। अनगिनत लूट, हत्याएं, अपहरण जैसे 75 से ज्यादा अपराध उसके सिर पर हैं। यूपी मेंउसकी गिरफ्तारी पहली बार अलीगढ़ पुलिस ने ही फरवरी 2010 में की थी। इसके बाद दो साल पहले आगरा में गिरफ्तार किया गया। तब से वह आगरा जेल में है। वर्तमान में उसकी पत्नी गांव की प्रधान है।