अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले कश्मीर के छात्र-छात्राएं भारत सरकार के संपर्क अधिकारी द्वारा ईद के दिन दी जा रही दावत (लंच) का बहिष्कार करेंगे। यह दावा कश्मीर के ही कुछ छात्रों ने किया है।
भारत सरकार के संपर्क अधिकारी (लायसन ऑफिसर) संजय पंडित द्वारा ईद के मौके पर घर नहीं जाने वाले कश्मीरी छात्रों को 12 अगस्त 2019 को लंच पर आमंत्रित किया है। एएमयू रजिस्ट्रार के निर्देश पर कश्मीर के छात्रों को 1.30 बजे एएमयू कैंपस स्थित गेस्ट हाउस नंबर 1 में आमंत्रित किया गया है। इससे संबंधित नोटिस एएमयू के हॉलों के प्रवोस्ट द्वारा निकाला गया है।
जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक द्वारा लंच के लिए एक लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। जम्मू कश्मीर के छात्र जुबैर अलताफ ने दावा किया है कि कश्मीर के छात्रों ने बैठक कर लंच का बहिष्कार करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि ईद परिजनों के साथ मनाया जाता है। वह ईद मनाने लायक स्थिति में नहीं हैं। उन्हें नहीं मालूम कि उनके परिजन किस स्थिति में हैं। संपर्क के तमाम साधन बंद कर दिए गए हैं। सभी छात्र-छात्राए परेशान हैं।
370 एवं 35 ए खत्म करने हैं नाराज
कश्मीर के छात्र अनुच्छेद 370 एवं 35 ए खत्म किये जाने से नाराज हैं। जुबैर अलताफ का कहना है कि उनसे अधिकार छीना गया है। उनसे पूछा तक नहीं गया। फैसला असंवैधानिक है। जो कानून लागू किया गया है, उसकी निंदा करते हैं। करीब 500 स्थानीय नेताओं को नजरबंद कर दिया गया है, जिसमें दो पूर्व मुख्यमंत्री भी शामिल हैं। एएमयू छात्र संघ के उपाध्यक्ष रहे सज्जाद सुभान राथर नजरबंद हैं या बाहर, यह भी किसी को मालूम नहीं। पिछले छह दिन से कश्मीर में क्या हो रहा है किसी को कुछ पता नहीं है। राज्य में आपातकाल जैसी स्थिति है। सूचना तंत्र बंद करने एवं कर्फ्यू की निंदा करते हैं।
जम्मू कश्मीर सरकार के संपर्क अधिकारी द्वारा ईद के अवसर पर छात्रों को लंच दिया जा रहा है। इस कार्यक्रम में प्रत्यक्ष रूप से विश्वविद्यालय की कोई भूमिका नहीं है। प्रवोस्ट द्वारा नोटिस जारी किया गया है ताकि सभी छात्रों तक सूचना पहुंच जाए।
- प्रो. शाफे किदवई, प्रवक्ता, एएमयू