केंद्रीय रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने अलीगढ़ में प्रस्तावित डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर में उत्पादन करने के इच्छुक उद्यमियों का भरपूर उत्साहवर्धन किया। कहा कि आपके सामने सेना के आला अधिकारी मौजूद हैं।
सेनाओं को रक्षा उत्पाद आपूर्ति करने वाली देश की नवरत्न कंपनियों के प्रतिनिधि उपस्थित है। वो आपको अपनी जरूरत बताएंगे और आप उनके अनुसार उत्पाद बनाएंगे। बीच में कोई नहीं है। आप जो भी उत्पाद बनाएंगे उसका सेना अपने स्तर पर टेस्ट करेगी और ट्रायल में पास होने के बाद आपका उत्पाद खरीदा जाएगा। बोलीं.. जो भी आपका उत्पाद होगा उसको दस साल तक खरीदने का वादा मैं करती हूं। ये उत्पाद एक दो साल के लिए नहीं खरीदे जाएंगे। ऐसा नहीं होगा कि उत्पाद एक दो साल खरीदा जाए और उसके बाद खरीददारी बंद हो जाए। इसी दौरान यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी डिफेंस एरोस्पेस पॉलिसी 2018 का जिक्र किया। बोले ये नीति बहुत स्पष्ट और पारदर्शी है। जिससे उद्यमियों को निवेश करने में बहुत लाभ मिलेगा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अभी तक अलीगढ़ के ताला और हार्डवेयर को आज तक कोई मंच नहीं दिया गया। अब डिफेंस कॉरिडोर से ये मंच मिलेगा। 16 माह पूर्व प्रदेश में राजशाही ने विकास कार्यों को रोक दिया था। भाजपा सरकार बनने के बाद प्रदेश में लालफीताशाही पर भी लगाम कसी गई है। किसी भी कीमत पर डिफेंस कॉरिडोर के काम रुकने नहीं दिए जाएंगे। सीएम ने कहा कि जब आम बजट में देश में दो डिफेंस कॉरिडोर बनाने की घोषणा हुई तो दूसरे ही दिन वह खुद केंद्रीय रक्षा मंत्री के पास पहुंच गए। उनसे अनुरोध किया कि एक कॉरिडोर यूपी में बनवाए। रक्षामंत्री को ये प्रस्ताव बेहतर लगा तो प्रधानमंत्री के पास बात पहुंचाई गई। प्रधानमंत्री ने भी इसको मंजूरी दे दी। अब ये प्रस्ताव मूर्तरूप ले रहा है। सीएम ने कहा कि बुंदेलखंड में बन रहे एक्सप्रेस वे के पास ही चार हजार हेक्टेयर जमीन छोड़ी गई है। जहां औद्योगिक विकास होगा।
सांसद करते थे ‘मुठभेड़’: निर्मला: सीएम के बाद केंद्रीय रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने बैठक में कहा कि हर महीने अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम दिल्ली आते और मुझसे मुठभेड़ करते। कहते कि डिफेंस कॉरिडोर में चुने जाने के बाद भी अलीगढ़ में अब तक कुछ नहीं हुआ है। क्या अलीगढ़ को इसमें कुछ नहीं मिलेगा..? जब सांसद चले जाते तो वह डिफेंस के प्रोडक्शन सचिव अजय कुमार से बात करतीं कि अलीगढ़ के लिए क्या सोचा है..? तो जवाब मिलता कि अलीगढ़ के लिए तैयारी कर रहे हैं। इसके बाद अलीगढ़ में मीटिंग होना तय हुआ। इस बीच सीएम योगी से समय मांगा गया तो उन्होंने सहर्ष मंजूरी दे दी। यूपी भाग्यवान हैं कि यहां योगी आदित्यनाथ सीएम हैं। इसके बाद 11 अगस्त का दिन तय हुआ और आज ये मीटिंग हो रही है।\
एयरो शो यूपी में हो : सीएम योगी ने कहा कि हर साल नवंबर में एयरो शो होता है। इस बार ये शो यूपी में कराने का अनुरोध किया है। अब इसके लिए केंद्र सरकार की मंजूरी का इंतजार है।
उद्यमियों के साथ हुआ संवाद: पहले सत्र में बैठक का शुभारंभ होने के बाद दूसरे सत्र में तीनों सेनाओं के अधिकारियों और विदेशी राजदूताें ने उद्यमियों को सेनाओं की जरूरत से रूबरू कराया। उनको बताया कि वे क्या क्या उत्पाद बना सकते हैं। तीसरे सत्र में व्यापारिक संगठनों के प्रतिनिधियों और पीएसयू के अधिकारियों से बातचीत हुई। जिसमें उद्यमियों ने अपनी समस्याएं बताईं। जिनको शासन के स्तर से हल कराने की मांग की गई। यहां पर देश की नवरत्न कंपनियों के कई स्टाल लगाए गए थे, जहां उत्पादों की जानकारी दी जा रही थी। आयोजन की मुख्य सहयोगी संस्था फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर्स की ओर से भी एक स्टाल लगाया गया था।
कार्यक्रम में ये रहे मौजूद: उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव अनूप चंद्र पांडेय, वायु सेना के एयर मार्शल एसबी डियो, थल सेना के लेफ्टिनेंट जनरल देवराज अंबु, नेवी के रेयर एडमिरल आर स्वामीनाथन, मंडलायुक्त अजय दीप सिंह, जिलाधिकारी चंद्रभूषण सिंह, एसएसपी अजय साहनी, सीडीओ दिनेश चंद्र, जिला उद्योग केंद्र के उपायुक्त श्रीनाथ पासवान सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। यहां आयोजन की सहयोगी संस्था फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर के धनजीत वाड्रा, मुकेश जैन सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। संचालन एसके बत्रा ने किया जो भारत इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड से आए थे।