विश्व कुद्स दिवस पर एएमयू छात्रों की गैर सरकारी संस्था सोच बियंड दी
इमेजिनेशन के तत्वावधान में अलविदा की नमाज के बाद जामा मस्जिद से
बाब-ए-सैयद तक आतंकवाद के खिलाफ यूनिटी मार्च का आयोजन किया गया। इसमें
शामिल युवक अमेरिका एवं इजरायल मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। कुछ युवक हाथ
में तिरंगा लहरा रहे थे तो कुछ आतंकवाद के खिलाफ नारे लिखी तख्तियां हाथ
में लिए थे।
बाब-ए-सैयद पर आयोजित सभा में उस समय सन्नाटा पसर गया जब घंटाघर चर्च के फादर सुनील ने संबोधन देना प्रारंभ किया। उन्होंने अमेरिका मुर्दाबाद का नारा लगाए जाने पर शालीनता से एतराज किया। उन्होंने नपे-तुले शब्दों में कहा कि जो अमेरिका का खुदा है, उसे मैं मानता हूं। जो गलत कर रहा है, उसका सपोर्ट नहीं करना चाहिए। मुस्लिम भाइयों पर जुल्म दुखद है, लेकिन सिर्फ अमेरिका जुल्म कर रहा है, ऐसा नहीं है। अन्य देश भी जुल्म कर रहे हैं। कहीं मुस्लिम तो कहीं ईसाई जुल्म के शिकार हो रहे हैं। जम्मू-कश्मीर में कश्मीरी ब्राह्मण भाई-बहनों पर जुल्म हो रहा है। उन्होंने कहा कि हमें जाति, धर्म या देश का नहीं बल्कि आतंकवाद का विरोध करना चाहिए। आतंकवाद से हमारे बीच खाई बन रही है। हमें नहीं भूलना चाहिए कि हम हिंदुस्तानी हैं और आपस में भाई-भाई हैं। उनकी दलील का असर यह हुआ कि संबोधन के बाद अमेरिका के खिलाफ नारे नहीं लगे। कुछ ने इजरायल के खिलाफ जरूर नारे लगाए। इससे पूर्व भाजपा नेता एवं समाजसेवी रंजन राना ने हिंदू-मुस्लिम एकता पर बल दिया और धर्म के नाम पर राजनीति करने वालों से सावधान रहने की अपील की। मौलाना अनीस ने कहा कि आज दुनिया आतंकवाद से पीड़ित है।
सर सैयद के विचारों को अमल में लाते तो ऐसी स्थिति नहीं होती। उन्होंने पाकिस्तान में मस्जिद एवं स्कूली बच्चों पर हुए हमले का उल्लेख करते हुए सवाल उठाया कि यह कौन करता है? उन्होंने कहा कि इजरायल फिलिस्तीन पर जुल्म ढा रहा है, लेकिन उसका पड़ोसी मुल्क अमेरिका को सह दे रहा है। सऊदी अरब ने अमेरिका को हीरो बना दिया है। कल ईरान उनका दुश्मन था, आज दोस्त हो गए तो शांति का नोबल पुरस्कार देने की बात कर रहे हैं। मौलाना जाहिद हुसैन ने कहा कि आतंकवाद का कोई मजहब नहीं होता। वह मजहब का लिबास ओढ़ लेता है। जिसके सीने में दिल और दिल में अहसास होगा, वह कभी जालिमों का साथ नहीं देगा। बाद में छात्रों ने जिला प्रशासन के माध्यम से प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर इजरायल से भारत के संबंध पर पुनर्विचार करने तथा भारत में चर्च पर हो रहे हमलों पर रोक लगाने की मांग की।
अली रजा, माजिद हुसैन जैदी, डॉ. कासीब रजी, डॉ. दानिश सुहैल, अली मुर्तजा, डॉ. सलीम मोहम्मद, मोहसिन, अरहम अली खान, फरहान हबीब आदि मौजूद थे। सोच के डॉ. दानिश ने बताया कि फिलिस्तिन हमले के विरोध में पूरी दुनिया में विश्व कुद्स दिवस मनाया जाता है। एएमयू में पिछले दो साल से यह दिवस मनाया जा रहा है।