राजा महेंद्र प्रताप सिंह राज्य विश्वविद्यालय (आरएमपीयू) के भवन को और भव्य रूप देने के लिए मंडलायुक्त ने एक रिपोर्ट तैयार की है। इस रिपोर्ट को शासन को भेजा गया है, जिसमें अकादमिक भवन को डेढ़ मीटर ऊंचा व प्रशासनिक भवन को 60 सेंटीमीटर ऊंचा करने के लिए कहा गया है। इस रिपोर्ट पर शासन स्तर से निर्णय लेकर लोक निर्माण विभाग को निर्देश देकर बजट जारी किया जाएगा।
मंडलायुक्त गौरव दयाल ने 27 जुलाई को निर्माणाधीन विश्वविद्यालय परिसर का निरीक्षण अधिकारियों संग किया था। इसी क्रम में उन्हें वहां भवन नीचा होने और इस कारण आने वाले समय में जलभराव आदि के बिंदु बताए गए। इस पर उन्होंने भवन के मानचित्र का परीक्षण किया। इस आधार पर तकनीकी सलाहकारों की मदद से एक रिपोर्ट खुद मंडलायुक्त स्तर से तैयार कर शासन को भेजी गई है। जिसमें कहा गया है कि इस भवन को अभी और भव्य रूप दिया जा सकता है। साथ में जलभराव से निजात के वैकल्पिक इंतजाम किए जा सकते हैं। इसमें उन्होंने अकादमिक व प्रशासनिक को भूतल से डेढ़ मीटर व 60 सेंटीमीटर ऊंचा निर्माण कराने की संस्तुति की है। इससे यह भवन सड़क से साफ देखने में भी आएंगे और भवन को भव्य स्वरूप भी मिलेगा। इसके अलावा उन्होंने जलभराव को लेकर वहां अन्य वैकल्पिक इंतजाम करने संबंधी प्रस्ताव अपनी रिपोर्ट में दिए हैं, जिसमें संपवेल, सीवेज सिस्टम, नाला, रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम आदि विकल्पों पर जोर दिया है। मंडलायुक्त गौरव दयाल बताते हैं कि यह रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। इस पर अब वहां से सहमति के साथ-साथ बजट आदि की प्रक्रिया सीधे लोक निर्माण विभाग को दी जाएगी। इसके बाद इस प्रस्ताव पर भी काम किया जाएगा।