सरकार ने पहले भी नोटबंदी की थी, अब फिर से 2000 के नोट को चलन से बाहर करने का निर्णय लिया है। बेहतर होता सरकार को इसके चलन को पहले ही बंद कर देना चाहिए था, ताकि लोगों को दिक्कतों का सामना न करना पड़े। - बंटी शर्मा, कारोबारी
2000 के नोटों को चलन से बाहर करने का निर्णय लेने से पहले सरकार को इसकी घोषणा कर देनी चाहिए थी, जिससे लोग आसानी से रुपयों को बदल सकते थे। नोट जमा कराने को कुछ बंदिशें भी रखी गई हैं, जो सही नहीं है। - दीपक अग्रवाल, कारोबारी
2000 के नोटों को चलन से बंद करने के लिए आरबीआई ने जो फैसला किया है वह कारोबारी हित में नहीं है। इससे कारोबारियों को अब रुपये बदलने के लिए बैंकों में अपना कीमती समय गंवाना होगा और घंटों लाइन में लगना पड़ेगा। - राजू महेश्वरी, कारोबारी
2000 के नोट बदलने के लिए सरकार को पहले से ही गाइड लाइन जारी करनी चाहिए थी। अब नोटों को बदलने के लिए बैंकों में मारा-मारी के हालात देखने को मिलेंगे। इससे आमजन को काफी तकलीफें होंगी। - प्रांजुल गर्ग, कारोबारी
बोले अधिकारी
आरबीआई के निर्देशानुसार शनिवार से 2000 का नोट जमा करने को लेकर जिले की सभी बैंक शाखाओं के प्रधान प्रबंधकों को मुद्रा प्राप्त करने में पारदर्शिता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। उपभोक्ताओं की भीड़ को देखते हुए शाखा में उचित स्टाफ की तैनाती एवं व्यवस्थाएं बनाए रखने और कैश काउंटर पर भीड़भाड़ से बचने के लिए अपने अधिकतम संभव प्रयासों का प्रयोग करने को कहा गया है। अभी आरबीआई की स्पष्ट गाइड लाइन का पालन किया जाएगा। - सुरेश राम, अग्रणी बैंक प्रबंधक अलीगढ़
सरकार ने 2000 के नोटों को चलन से बाहर करने के लिए लंबे समय से ही व्यवस्था कर रखी है। करीब तीन साल से नए नोट नहीं छापे जा रहे हैं। एटीएम से भी 2000 के नोटों का लेन-देन बंद है। सरकारी गाइड लाइन के अनुसार बैंक शाखाओं में रुपयों का लेन-देन किया जाएगा। - अतुल सिंह, सहायक महासचिव, केनरा बैंक एसोसिएशन
खास बातें
- जिले में 25 बैंक संचालित हैं, जिनकी 327 शाखाएं हैं
- जिले में विभिन्न बैंक शाखाओं के 273 एटीएम स्थापित हैं
- तीन चेस्ट बैंक हैं केनरा, एसबीआई एवं पीएनबी
- जिले में किसी भी एटीएम में नहीं डाले जा रहे 2000 के नोट
- जिले में एक दिन में सभी बैंक शाखाओं में करीब 400 करोड़ का होता है लेन-देन