अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के अध्यक्ष प्रो. मुश्ताक अहमद जरगर के खिलाफ छात्रों ने विरोध मार्च निकाला और प्रदर्शन किया। छात्रों ने धमकी दी कि अगर 24 घंटे में विभागाध्यक्ष नहीं बदले गए तो बड़ा आंदोलन होगा। विभाग में शोध ग्रंथ जमा न करने को लेकर शोधार्थी और विभागाध्यक्ष आपस में भिड़ गए थे।
एएमयू के लाइब्रेरी कैंटीन से लेकर बाब-ए-सैयद तक छात्रों ने पैदल मार्च निकाला। छात्र नेता विकास यादव ने कहा कि विभागाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए। साथ ही शोधार्थी को उसका हक मिलना चाहिए। जिस तरीके से एएमयू को कुलपति तानाशाही रवैया से चला रहे हैं, उसी तर्ज पर सभी विभागाध्यक्ष तानाशाही रवैया अपना रहे हैं। इस मौके पर मोहम्मद आरिफ, फरहान जुबैरी, जैद शेरवानी, अवनीश चौधरी आदि मौजूद रहे।
विभाग में भिड़ गए थे विभागाध्यक्ष और शोधार्थी, जांच टीम गठित
एएमयू के आधुनिक भारतीय भाषा विभाग में शोध ग्रंथ जमा न करने को लेकर शोधार्थी और विभागाध्यक्ष आपस में भिड़ गए थे। इसके बाद हंगामा हो गया था। शोधार्थी ने विभागाध्यक्ष पर उत्पीड़न के आरोप लगाए हैं। विभागाध्यक्ष, सुपरवाइजर और शोधार्थी ने कुलपति को पत्र लिखा है। इसके बाद एएमयू इंतजामिया ने दो सदस्यीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में प्रो. हशमत और प्रो. निशात फातिमा हैं, जो विभागाध्यक्ष, शोधार्थी और सुपरवाइजर से इस प्रकरण में बातचीत करेंगी। इंतजामिया ने उनसे जल्दी रिपोर्ट मांगी है।