विधानसभा चुनाव 2017 में सड़क बिजली और पानी का मुद्दा मतदान पर भी हॉबी रहा। जिसकी वजह से जिले के आधा दर्जन स्थानों पर मतदान का बहिष्कार हो गया।
चार गांवों भगोसा (छर्रा विधानसभा क्षेत्र), विसायतगढ़ी (खैर विधानसभा क्षेत्र), भौगवां (अतरौली विस क्षेत्र में) और बोल्ला (इगलास विधानसभा क्षेत्र) में ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार प्रशासन के लिए भी टेंशन बना रहा।
नदी पर पुल, सड़क और विकास में अनदेखी से परेशान यहां के निवासियों ने मतदान का बहिष्कार कर दिया। मतदान बहिष्कार की सूचना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। अधिकारियों की गाड़ियां दौड़ पड़ीं। सुबह 9 बजकर 39 मिनट तक इन गांवों में एक भी वोट नहीं पड़ा था।
कहीं मान मनौव्वल तो कहीं सख्ती का सहारा पुलिस-प्रशासन ने लिया। बोल्ला में सुबह 9 बजकर 20 मिनट पर एसडीएम, सीओ ने किसी तरह 10 मतदाताओं से वोट डलवा दिए और चले गए। भाजपा प्रत्याशी के आश्वासन पर सुबह 9 बजकर 40 मिनट पर भगोसा गांव में पहला वोट पड़ा और मतदान की शुरुआत हो सकी।
छर्रा के गांव भगोसा में काली नदी पर पुल की मांग को लेकर शुरू हुआ मतदान बहिष्कार सेक्टर व जोनल मजिस्ट्रेट के समझाने पर भी खत्म नहीं हुआ। 9:29 बजे पर भाजपा प्रत्याशी रवेंद्र पाल सिंह के आश्वासन पर सबसे पहले सुरेश चंद्र ने पहला वोट डाला। इगलास के मजूपुर के माजरा बोल्ला गांव में विकास कार्यों व जन समस्याओं के मुद्दे पर बहिष्कार शुरू हुआ।
पहले तो एसडीएम, सीओ ने सुबह 9:20 बजे समझाबुझा कर 10 वोट डलवा दिए। ग्रामीणों का आरोप है कि धमकी देकर वोट डलवाए थे। पीठासीन अधिकारी प्रमोद पचौरी के अनुसार सुबह 10 बजकर 29 मिनट तक 10 वोट ही पड़ सके थे। बाद में भाजपा प्रत्याशी राजवीर दिलेर व रालोद प्रत्याशी सुलेखा चौधरी के भरोसे पर मतदान शुरू हुआ।
खैर के गांव विसायतगढ़ी से गौमत तक कच्ची सड़क को लेकर मतदान बहिष्कार शुरू हुआ। जानकारी पर एसडीएम भी पहुंच गए। उन्होंने फोन पर डीएम से ग्रामीणों की बात कराई। इसके बाद भी सुबह 11:19 मिनट तक मतदान नहीं हुआ। 11:20 बजे एक ग्रामीण ने मतदान किया। इसके बाद तमाम समझाने पर सवा तीन बजे के बाद मतदान शुरू हुआ।
इसी तरह अतरौली सीट के गांव छौगवां में सड़क के लिए मतदान बहिष्कार हुआ। जहां दुपहर 12 बजे तक कोई वोट नहीं पड़ा था। इगलास के गांव भुविया में 12:33 बजे तक मात्र 14 वोट पड़े। बिजली के लिए नाराज लोगों ने दोपहर बाद करीब डेढ़ बजे मतदान शुरू किया। इसी क्षेत्र के गांव भमरौला में सुबह 10:30 बजे दो वोट पड़े।
इसके बाद शाम पांच बजे तक यहां कोई मतदान नहीं हुआ। ग्रामीण संपर्क मार्ग की मांग पर अड़े थे। यहां एसडीएम व सीओ काफी प्रयास किए। खैर के गांव जड़ाना में भी दोपहर सवा ग्यारह बजे तक मतदान का बहिष्कार किया। इसके बाद लेखपाल और अधिकारियों के ठोस आश्वासन के बाद मतदान शुरू हुआ। यहां पर देर शाम तक अच्छा मतदान हुआ।