1966 में जन्मे अनमोल की प्रारंभिक शिक्षा बहजोई में ही हुई। शिक्षक पिता और मां स्वर्गीय उर्मिला देवी भी चाहते थे कि उनका बेटा अच्छी नौकरी करे। अनमोल ने शुरू से ही व्यापार करना तय किया था। 1984 में जब व्यापार करने की सोची तब देश में तीन या चार कंपनियां ही पीवीसी पाइप बनाती थीं। ट्रेडिंग कंपनी के साथ शुरुआत करके अगले बीस साल उसी को आगे बढ़ाया। इस दौरान कई बड़ी यूनिटें देखीं और काम का अनुभव हुआ। सन 1999 में अपनी कंपनी शुरू करने का फैसला किया। इसी दिशा में आगे बढ़े। सन 2007 में अलीगढ़ के सारसौल में कोनार्क पॉलीट्यूब प्राइवेट लिमिटेड शुरू की। इसके बाद 2015 में एक बड़ी यूनिट पचपेड़ा बरौठ रोड डाली। आज अनमोल का कारोबार बिहार, झारखंड, राजस्थान, एमपी, यूपी, उत्तरांचल एनसीआर में फैला है।
पीवीसी पाइप का कांसेप्ट नया था
अनमोल कहते हैं कि सन 1984 में पीवीसी पाइप का कांसेप्ट नया था। लोग प्लास्टिक का पाइप लगाने में डरते थे कि कहीं टूट न जाए। बाद में इसकी स्वीकार्यता हुई । सही समय पर बाजार में प्रवेश करना उनके लिए फायदेमंद साबित हुआ।
अगली पीढ़ी को सौंप रहे हैं विरासत
अनमोल के परिवार में पत्नी कुमुद बेटा- मोहित वार्ष्णेय- बहू खुशबू वार्ष्णेय व बेटी डॉ. आस्था वार्ष्णेय है। यह अब उनके कारोबार को आगे बढ़ा रहे हैं। अनमोल कहते हैं कि पूरे उत्तर भारत में कारोबार का विस्तार करने के बाद देश के अन्य हिस्सों में भी कारोबार को विस्तार देने की योजना है।