कृषि मंडी समिति में सरकारी क्रय केंद्र पर किसान बाजरा लिए खड़े हैं। किसानों का आरोप है कि क्रय केंद्र को समय से पूर्व बिना जानकारी के बंद कर दिया गया है। किसानों ने केंद्र प्रभारी पर आरोप लगाते हुए प्रदर्शन कर रोष व्यक्त किया।
मंडी समिति क्रय केंद्र पर किसानों ने बताया कि सरकार ने एक अक्तूबर से खरीद प्रारंभ की थी लेकिन प्रशासन की लापरवाही के कारण लगभग 15-20 दिन बाद खरीद शुरू हुई और मात्र 50 दिनों के अन्दर ही केंद्र प्रभारी ने 12 हजार क्विंटल खरीद के सापेक्ष 14 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद कर क्रय केंद्र बंद कर दिया। किसानों का कहना है क लगभग दो सप्ताह से भी ज्यादा समय से किसान अपने बाजरा की बिक्री के लिए टोकन लिए रोजाना क्रय केंद्र पर आ रहे हैं। किसानों ने आरोप लगाया कि केंद्र प्रभारी ने व्यापारियों से सांठगांठ करते हुए बाहर के किसानों का पंजीकरण कराते हुए बाजरा की खरीद कर ली और क्षेत्रीय किसानों के बाजरा अभी तक क्रय केंद्र पर ट्रैक्टरों में लदे खड़े हैं।
शासन से 12 हजार क्विंटल बाजरा की खरीद का लक्ष्य मिला था, जिसमें 14 हजार क्विंटल खरीद हो गई है और लक्ष्य बढ़ाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। शिखर कश्यप, विपणन निरीक्षक
किसानों का कहना है
-लगभग 13 दिनों से क्रय केंद्र पर बाजरा लेकर आ रहा हूं लेकिन टोकन देने के बावजूद भी बाजरा नहीं बेच पा रहे हैं। अर्जुन सिंह हबीबपुर
-दो हफ्तों से ज्यादा क्रय केंद्र पर बाजरा लेकर आए हैं, पहले बहाना बनाया गया अब लक्ष्य पूरा होने की बात कही जा रही है। अशोक कुमार सुनहरा
-किसानों को टोकन दिए जा रहे हैं और व्यापारियों की रात में खरीद हो रही है। क्रय केंद्र की जांच होनी चाहिए। विजय पाल सिंह नगला खिटकारी