1900 में देश के सर्वोत्तम शिक्षा संस्थान का दावा, इलाहाबाद विश्वविद्यालय से थी संबद्धता मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज सहूलियतों, पढ़ाई के उच्च स्तर और अनुशासन के चलते देश का सर्वोत्तम शिक्षा संस्थान का दावा करता था। हालांकि इस वक्त तक बीएचयू की भी स्थापना हो चुकी थी। लेकिन कई अंग्रेजी लेखकों के मत में मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज का दावा ज्यादा पुख्ता था। एमए स्तर तक शिक्षा देने वाला यह कॉलेज फिलहाल इलाहाबाद विश्वविद्यालय से संबद्ध था। लेकिन यह कहना ठीक रहेगा कि यह सामान्य कॉलेज नहीं था। इसकी अलग ही पहचान थी।
मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज में सख्त निगरानी रखी जाती थी विद्यार्थियों पर
मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज की स्थापना का मकसद मुस्लिम विद्यार्थियों के लिए दीनी पढ़ाई की जगह अंग्रेजी शिक्षा पद्धति पर आधारित तालीम देना था। विद्यार्थियों में नैतिकता का स्तर ऊंचा उठाने और शारीरिक रूप से मजबूत बनाना भी एक लक्ष्य था। तत्कालीन कॉलेज में विद्यार्थियों पर सख्त निगरानी रखी जाती थी। जिला प्रशासन की ओर से तैयार कराए गए गजेटियर में साफ वर्णित है कि इन विद्यार्थियों को एक किस्म का कॉरपोरेट माहौल दिया जाता था।
देश भर से मिलता था आर्थिक सहयोग
मोहम्मडन एंग्लो ओरिंएंटल कॉलेज को देश भर से आर्थिक सहयोग मिला करता था। तत्कालीन दौर के देश भर के लगभग सभी प्रभावशाली और संपन्न मुस्लिम लोग कॉलेज के नियमित दानदाता थे। कॉलेज का प्रबंधन ट्रस्टियों की एक समिति करती थी। इस समिति में ज्यादातर लोग बड़े दानदाता शामिल थे।
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स्रोतः अलीगढ़ का गजेटियर 1909