उत्तर प्रदेश कैबिनेट में खैर तहसील के ग्राम अंडला में कृषि विभाग की 45.489 हेक्टेयर भूमि डिफेंस कॉरिडोर के लिए औद्योगिक विकास विभाग को नि:शुल्क देने का फैसला लिया गया है। इसकी सूचना मिलने के बाद उद्यमियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।
अंडला में डिफेंस कॉरिडोर निर्माण का रास्ता अब साफ हो गया है। जमीन पर कैबिनेट की मुहर लगने के बाद उद्यमियों में हर्ष का माहौल है। इस फैसले से केंद्रीय बजट से निराश उद्यमियों के चेहरे की मुस्कान लौट आई है। घोषणा के करीब डेढ़ साल बाद डिफेंस कॉरिडोर के लिए जमीन उपलब्ध होने जा रहा है। इसकी वजह से इस महत्वाकांक्षी परियोजना का काम लटका हुआ था। सरकार द्वारा डेवलपमेंट के लिए जनवरी महीने में 52 करोड़ रुपये जारी किया गया था।
फेडरेशन ऑफ इनोवेटिव मैन्युफैक्चर्स (फिम) के अध्यक्ष धनजीत वाड्रा और मोहित गुप्ता ने बताया कि कैबिनेट की मुहर लगने के बाद अब डिफेंस कॉरिडोर के रास्ते की बड़ी बाधाएं दूर हो गई है। निर्माण कार्य तेजी से प्रारंभ होने की उम्मीद है। जिला उद्योग एवं उद्यमिता विकास केंद्र उपायुक्त श्रीनाथ पासवान ने बताया कि कैबिनेट फैसले की अधिकारिक सूचना नहीं है। जमीन मिलने के बाद डेवलपमेंट के कार्य प्रारंभ हो जाएंगे। जनवरी में डेवलपमेंट के लिए 52 करोड़ रुपये जारी हुए थे।
डिफेंस कॉरिडोर
फरवरी 2018 में लखनऊ में पहली बार यूपी इन्वेस्टर्स सम्मिट में डिफेंस कॉरिडोर का एलान किया गया था। 11 अगस्त 2018 में अलीगढ़ में आयोजित डिफेंस कॉरिडोर सम्मिट में तत्कालीन रक्षा मंत्री निर्मला सीतारमण एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए थे। कॉरिडोर को विकासित किए जाने का उद्देश्य रक्षा क्षेत्र की जरूरतों की सार्वजनिक क्षेत्र की इकाईयों की आवश्यकताओं को पूर्ण करने हेतु राज्य में सहायक इकाईयों को उनसे जोड़ना, रक्षा क्षेत्र में निर्यातोन्मुख विनिर्माण आधार का विकास करना, रक्षा तथा एयरोस्पेस क्षेत्र में अनुसंधान एवं विकास को प्रोत्साहित करते हुए निरंतर प्रौद्योगिकी उन्नयन सुनिश्चित करना आदि है। उल्लेखनीय है कि डिफेंस कॉरिडोर में अलीगढ़ के अतिरिक्त आगरा, झांसी, चित्रकूट, कानपुर एवं लखनऊ शामिल हैं।