प्राचीन मंदिर, धर्मशालाएं और कुएं को संरक्षित करने के लिए बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी, विश्व हिंदू परिषद, करणी सेना, शिव सेना आदि संगठन सक्रिय हुए हैं। सराय रहमान और सराय मियां में मिले मंदिरों को भी संरक्षित करने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
अलीगढ़ शहरभर में कई इलाके ऐसे हैं जहां हिंदू आबादी नहीं है, लेकिन वहां प्राचीन मंदिर, धर्मशालाएं और कुएं हैं। देखरेख के अभाव में ये स्थान बदहाली के कगार पर हैं। कई साल से इन स्थलों के ताले तक नहीं खुले हैं। कई ऐतिहासिक कुएं धार्मिक महत्व के हैं, जिन्हें पाट दिया गया है। इन स्थलों को संरक्षित करने के लिए बजरंग दल, हिंदू युवा वाहिनी, विश्व हिंदू परिषद, करणी सेना, शिव सेना आदि संगठन सक्रिय हुए हैं। सराय रहमान और सराय मियां में मिले मंदिरों को भी संरक्षित करने के प्रयास शुरू हो गए हैं।
अलीगढ़ शहर के बनिया पाड़ा, मानिक चौक, देहलीगेट, जयगंज, सराय रहमान, नई बस्ती, सराय मियां, खैर रोड आदि विभिन्न क्षेत्रों में प्राचीन हिंदू धर्म स्थल हैं, जिनकी सूची तैयार की गई है। इनकी देखरेख और जीर्णोद्धार की व्यवस्था की जाएगी।- मयंक कुमार, महानगर मंत्री, विश्व हिंदू परिषद
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धर्म स्थलों पर देवी-देवताओं की नियमित पूजा प्राथमिकता है। इसके लिए वहां पूजा करने वालों की व्यवस्था कराई जाएगी। इसके लिए विभिन्न समाज के प्रमुख लोगों के साथ वार्ता कर जिम्मेदारी तय ही जाएगी। इसके लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा।- महंत कौशल नाथ, गिलहराज मंदिर
सामाजिक संगठनों का लेंगे सहयोग
सराय रहमान में मिला मदिर गिहारा समाज ने बनवाया था तथा सराय मियां में मिला मंदिर माहौर समाज ने बनवाया था। इसे देखते हुए अब हिंदू संगठन के पदाधिकारी सामाजिक संगठनों से मंदिर की देखरेख और जीर्णोद्धार के लिए सहयोग लेंगे। इसके लिए सामाजिक संगठनों की सूची तैयार की जा रही है।