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बायकाट और विरोध के बीच खुला अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय

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एएमयू खुलने पर छात्र बाब ए सैयद से अंदर जाते छात्र। - फोटो : CITY OFFICE
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करीब एक महीने बाद सोमवार को कक्षाओं के बहिष्कार और सीएए के विरोध के बीच अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) को खोला गया। सीएए के विरोध को लेकर 15 दिसंबर 2019 को हुए बवाल के बाद विश्वविद्यालय में अवकाश घोषित कर दिया गया था। पहले चरण में फैकल्टी ऑफ मेडिसिन, यूनानी मेडिसिन, जाकिर हुसैन कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को खोला गया है। हालांकि, डायनिंग की सुविधा पहले दिन हॉस्टल में शुरू नहीं हो सकी।
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सोमवार को एएमयू कैंपस में छात्रों का आना शुरू हो गया। मेडिसिन और इंजीनियरिंग बड़ी फैकल्टी हैं और इनमें करीब 4 हजार छात्र अध्ययन करते हैं। 70 फीसदी छात्रों के कैंपस में आने की बात कही जा रही है। इन संकायों के छात्रों की अगर कोई परीक्षा छूटी है तो वह 16 जनवरी को आयोजित की जाएगी। विश्वविद्यालय खुलने के साथ ही छात्रों ने कैंपस में मानव शृंखला बना कर सीएए, एनआरसी का विरोध किया। इस दौरान इंकलाब जिंदाबाद, आवाज दो हम एक हैं, हमें मोदी, योगी, शाह, भाजपा से आजादी चाहिए, जैसे नारे भी लगे। बाब ए सैयद पर प्लस टू (कक्षा 11 व 12) के छात्रों ने कक्षाओं का बहिष्कार किया। बाब ए सैयद पर धरने में भी शामिल हुए।
सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस आफ इंडिया को अलग-अलग पत्र भी भेजे गए हैं। जिनमें नागरिकता संशोधन कानून को रद्द करने की मांग की गई है। इसके अलावा पहले दिन केवल सेंट्रल कैंटीन और लाइब्रेरी के पीछे की कैंटीन पर खाने की व्यवस्था छात्रों के लिए हो सकी।
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कैंपस में पूरी तरह शांति है। पहले दिन छात्रों का अपने घर से विश्वविद्यालय आने का सिलसिला जारी रहा। जहां तक कक्षाओं की बात है तो पहला दिन था। एक दो दिन में सब कुछ सामान्य हो जाएगा और कक्षाएं सुचारू चलने लगेंगी
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- प्रो. अफीफउल्लाह, प्राक्टर, एएमयू
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