एएमयू के विधि विभाग के गेट चस्पा किया गया ज्ञापन।
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अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के विधि विभाग में उपस्थिति कम होने के चलते परीक्षा परिणाम रुकने पर विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन अब तेज हो गया है। विद्यार्थियों ने अपनी मांगों को लेकर कंपलीट लॉकडाउन का ऐलान कर दिया है। इसके तहत विभाग में सभी शैक्षणिक गतिविधियों को पूरी तरह बंद करने की घोषणा की गई है। सोशल मीडिया पर प्रदर्शन में विवादित नारेबाजी का वीडियो भी प्रसारित हो रहा है।
छात्रों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक विभाग में कोई भी शैक्षणिक कार्य नहीं होगा। इसमें कक्षाएं, प्रोजेक्ट, ट्यूटोरियल जैसी सभी गतिविधियों को रोकने की बात कही गई है। उधर, छात्रों ने बार काउंसिल ऑफ इंडिया के चेयरमैन को पत्र भेजा है। पत्र में बड़े पैमाने पर छात्रों को डिटेन करने का आरोप लगा है।
पांच वर्षीय पाठ्यक्रम के नौवें सेमेस्टर के परिणाम में 124 में से 81 छात्रों (करीब 65 फीसदी) को वाई मार्क कर रोका गया है। तीन नवंबर 2025 को दिए गए फैसले में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि केवल उपस्थिति की कमी के आधार पर किसी भी छात्र को परीक्षा से रोका या डिटेन नहीं किया जा सकता। अधिकतम सजा के तौर पर 5 फीसदी अंक या 0.33 सीजीपीए तक की कटौती ही संभव है। इसके बावजूद एएमयू प्रशासन ने बड़ी संख्या में छात्रों को रोक दिया।
छात्रों ने आरोप लगाया कि नौवें सेमेस्टर का परिणाम ऑल इंडिया बार एग्जाम रजिस्ट्रेशन की अंतिम तिथि से महज 10 दिन पहले जारी किया गया, जबकि वे 10वें सेमेस्टर की सभी शैक्षणिक प्रक्रियाएं पूरी कर चुके थे। दिसंबर में परीक्षाएं होने के बाद छात्र सुप्रीम कोर्ट इंटर्नशिप भी कर चुके हैं, जो पाठ्यक्रम का हिस्सा है। ऐसे में अंतिम समय पर डिटेन करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ बताया जा रहा है। इस संबंध में विधि विभाग के डीन प्रो. शकील अहमद ने कहा कि कोई भी विवादित नारेबाजी नहीं हुई है।