फ्रांस के साथ विकास और ज्ञान को साझा करने के लिए युवा पीढ़ी को फ्रेंच भाषा की जानकारी होना जरूरी है। इसके लिए अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में पढ़ने याले युवाओं को फ्रेंच भाषा सीखने के लिए प्रेरित किया जाएगा। विवि में पहले से ही इस भाषा का पाठ्यक्रम उपलब्ध है। फ्रांस के राजदूत इमैनुएल लेनिन और उनकी टीम ने शुक्रवार को विश्वविद्यालय का दौरा किया। फ्रांसीसी प्रतिनिधिमंडल ने फ्रेंच भाषा को बढ़ावा देने पर जोर दिया। कहा कि इसके लिए एक एमओयू तैयार होना चाहिए।
प्रतिनिधि मंडल ने शैक्षिक उद्देश्यों के लिए फ्रांस सरकार के साथ एक विकास और ज्ञान विनिमय कार्यक्रम को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया। इस पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) तैयार किया जाना चाहिए। कुलपति प्रो. तारिक मंसूर और राजदूत ने फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों और एएमयू के बीच सहयोग को बढ़ावा देने पर चर्चा की।
कुलपति ने कहा कि दुनिया भर के प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों के साथ अकादमिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों के माध्यम से छात्रों के लाभ के लिए अनुसंधान होना चाहिए। इसको प्रोत्साहित करने और अकादमिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए अमुवि भी फ्रांसीसी विश्वविद्यालयों से हाथ मिलाना चाहता है।
राजदूत के साथ अमल बिन हागोग, डॉ. फैबियन चरॉक्स, लेय पॉल, शैक्षिक सहयोग के उप सहचारी जितेंद्र सिंह ने विदेशी भाषा विभाग का दौरा किया। उन्होंने छात्रों से संवाद किया और फ्रांस में अध्ययन के अवसर की जानकारी दी। भारत में फ्रांस के दूतावास और विश्वविद्यालय के बीच सहयोग पर जोर दिया। फ्रांस के राजदूत और उनकी टीम के सदस्यों का स्वागत कुलपति ने अपने कार्यालय में किया।
राजदूत ने विश्वविद्यालय के संस्थापक सर सैयद अहमद खान की कब्र पर जाकर उन्हें श्रद्धांजलि दी। प्रतिनिधिमंडल ने विश्वविद्यालय मस्जिद, स्ट्रेची हॉल और मौलाना आजाद पुस्तकालय का दौरा किया।
इस अवसर पर सह कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज, कुलसचिव मोहम्मद इमरान, डीएसडब्ल्यू प्रो. अब्दुल अलीम, प्रॉक्टर प्रो. मोहम्मद वसीम अली, अंतरराष्ट्रीय अध्ययन संकाय के डीन प्रो. जावेद इकबाल आदि मौजूद रहे।