अलीगढ़। सब कुछ ठीक रहा तो बैंक की जरूरत के अनुसार अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में अधिकारी तैयार किए जाएंगे। इसके लिए रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के डिप्टी गवर्नर, एएमयू कुलपति एवं कॉमर्स संकाय के डीन के बीच बातचीत हुई है। डिप्टी गवर्नर ने एएमयू से प्रस्ताव मांगा है ताकि इसे आगे बढ़ाया जा सके। इस योजना से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘मेक इन इंडिया’ अभियान को नई गति मिलेगी।
पिछले दिनों आरबीआई के डिप्टी गवर्नर डॉ. हारूर नशीद खान एएमयू में ‘मेक इन इंडिया’ पर आयोजित अंतरराष्ट्रीय कांफ्रेंस में भाग लेने आए थे। उनकी कुलपति जमीरउद्दीन शाह एवं कॉमर्स संकाय के डीन प्रो. एम मोहसिन खान से बातचीत हुई थी।
प्रो. एम मोहसिन खान ने सुझाव दिया कि बैंक की मौजूदा जरूरत के हिसाब से पाठ्यक्रम तैयार किया जाए। यह पाठ्यक्रम दो साल हो। अब एएमयू एवं इंडियन डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (आईडीबीआई) मिलकर प्रवेश परीक्षा आयोजित कराएंगे और चयनित छात्रों को इस पाठ्यक्रम में दाखिला दिया जाएगा। इसके बाद वे बैंक में ज्वाइन करेंगे। चयनित छात्रों को शिक्षा ग्रहण करने तक ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराया जाएगा।
आईडीबीआई एवं एएमयू के सहयोग से बैंक की जरूरत के अनुसार अधिकारी तैयार करने का सुझाव आरबीआई के डिप्टी गवर्नर डॉ. हारून रशीद खान को बेहद पसंद आया है। उन्होंने विस्तृत प्रस्ताव मांगा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मेक इन इंडिया’ मिशन के सपने को साकार करने में इससे मदद मिलेगी। हमलोग जल्द ही प्रस्ताव भेजने वाले हैं। - प्रो. एम मोहसिन खान, डीन कॉमर्स संकाय एवं आयोजन सचिव मेक इन इंडिया कांफ्रेंस।