एएमयू वीसी प्रोफेसर खातून ने अपने पत्र में कहा कि लगभग एक दशक बाद फीस में मामूली बढ़ोतरी की गई है, और प्रशासन इस बदलाव से छात्रों को होने वाली चिंताओं को समझता है। वीसी ने विरोध प्रदर्शनों को बाहरी तत्वों द्वारा भड़काने का आरोप लगाया है।
अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में फीस बढ़ोतरी को लेकर चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन के बीच, विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर नईमा खातून ने एक खुला पत्र जारी किया है। इस पत्र में उन्होंने छात्रों की चिंताओं को संबोधित किया है और विरोध प्रदर्शनों को बाहरी तत्वों द्वारा भड़काने का आरोप लगाया है।
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प्रोफेसर खातून ने अपने पत्र में कहा कि लगभग एक दशक बाद फीस में मामूली बढ़ोतरी की गई है, और प्रशासन इस बदलाव से छात्रों को होने वाली चिंताओं को समझता है। उन्होंने बताया कि पहले से ही एक आवश्यकता-आधारित वित्तीय सहायता प्रणाली मौजूद है, जो यह सुनिश्चित करती है कि किसी भी योग्य छात्र को शिक्षा से वंचित न किया जाए। इसके अलावा, कुछ महिला छात्रों द्वारा प्रॉक्टोरियल स्टाफ के सदस्यों पर लगाए गए दुर्व्यवहार के आरोपों की जांच के लिए भी एक अलग समिति का गठन किया जाएगा। पत्र में मुख्य द्वार को अवरुद्ध करने पर भी चिंता व्यक्त की गई है।
विदित है कि एएमयू में वर्तमान शैक्षिक सत्र में सभी पाठ्यक्रमों में 30 से 60 फीसदी तक की फीस वृद्धि की गई है। इसको लेकर छात्रों का एक वर्ग पिछले छह दिनों से विरोध प्रदर्शन कर रहा है। ये लोग बाब-ए-सैयद गेट पर धरना दे रहे हैं।