प्रोफेसर तारिक मंसूर कुलपति एएमयू
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अलीगढ़। अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने लॉक डाउन बढ़ाने के बाद पैदा हुई स्थिति के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों के साथ विचार विमर्श किया। कुलपति ने ऑनलाइन कक्षाएं ले रहे शिक्षकों की सराहना की है ।उन्होंने कहा है कि महामारी के समय पैदा हुई इस विपरीत स्थिति को अपनी क्षमताओं के संवर्धन के रूप में इस्तेमाल करना चाहिए। अब शिक्षकों को डिजिटल स्किल बढ़ाने का अच्छा अवसर है। कुलपति ने कहा है कि विश्वविद्यालय, विशेष रूप से अंतिम वर्ष के छात्र व छात्राओं की परीक्षा कराने के सभी वैकल्पिक तरीकों पर विचार कर रहा है। जिसमें आनलाइन परीक्षाऐं भी शामिल हैं। अंतिम वर्ष के छात्र व छात्राओं की परीक्षा और विभिन्न कोर्सों की प्रवेश परीक्षाओं को प्राथमिकता देगा। विश्वविद्यालय के शिक्षक, छात्र, उनके अभिभावकों और अलीग बिरादरी के नाम जारी एक एक पत्र में प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग, भारत सरकार ने इस मामले पर विचार करने के लिये दो विशेषज्ञ समितियों का गठन किया है। इनमें से एक समिति ऑनलाइन टीचिंग और ऑनलाइन परीक्षा से संबंधित मामलों के लिए गठित की गई है, जबकि दूसरी एकेडमिक कैलेंडर को सुचारू बनाने के लिये काम करेगी। इन दोनों विशेषज्ञ कमेटियों की रिपोर्ट आने के बाद उचित निर्णय लिये जाऐंगे। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में आवश्यक है कि आनलाइन शिक्षण एवं अध्ययन के तरीकों को जिस प्रकार भी संभव हो अपनाया जाए तथा पाठ्यक्रम के बचे हुए भाग को इस मुशिकल परिस्थिति में जल्द से जल्द पूरा किया जाए। कुलपति ने कहा कि हमें कुछ क्षेत्रों में इंटरनेट कनेक्शन की होने वाली कठिनाइयों का आभास है इसके बावजूद हमें आनलाइन शिक्षण-अध्ययन के तरीके को अधिकाधिक अपनाने का प्रयास करना चाहिये। क्योंकि आने वाले कुछ समय में विश्वविद्यालयों के लिये कक्षाओं तथा प्रयोगशालाओं में वास्तविक पढ़ाई का आयोजन करना संभव नहीं होगा। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को छात्रों के शैक्षणिक हितों की सुरक्षा के लिये, विशेषकर अंतिम वर्ष के छात्रों के लिये त्याग के लिये तैयार रहना चाहिये। कुलपति ने कहा कि इस स्थिति में कि जब इस संक्रमण के कुछ समय तक बने रहने की संभावना है तथा व्यक्तिगत दूरी बनाए रखना आवश्यक है, हमारे लिये अधिक आवश्यक यह है कि हम लोगों को होने वाली समस्याओं को चिन्हित करने के बजाए आनलाइन शिक्षण एवं परीक्षा के क्षेत्र में नवीन उपकरणों के साथ उनका समाधान प्रदान करने के लिये कार्य करें। कुलपति ने कहा कि युवा शिक्षक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं, साथ ही आनलाइन शिक्षा की ऐसी व्यवस्था तैयार हो जाए जिस पर उच्च शिक्षा भविष्य में निर्भर करेगी। प्रो. मंसूर ने कहा कि शिक्षकों को टेक्नालोजी प्रशिक्षण प्रदान करने के लिये वेबसाइट कमेटी,कम्प्यूटर सेंटर द्वारा हेल्पलाइन की भी व्यवस्था की गई है । सभी संकायों एवं विभागों को परामर्श दिया जाता है कि वह महत्वपूर्ण शैक्षणिक विषयों पर वेबीनार का आयोजन करें ताकि इस शिक्षा दीक्षा की व्यवस्था में गति लाई जा सके। इन वेबीनार्स के आमंत्रण एवं कार्यवाही की रिपोर्ट विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर तथा विश्वविद्यालय से सम्बन्धित अन्य सोशल मीडिया फोरम्स पर प्रकाशित की जाए। उन्होंने कहा कि अमुवि के शिक्षक एवं छात्र अन्य विश्वविद्यालयों तथा संगठनों द्वारा आयोजित इसी प्रकार के वेबीनार्स में भाग ले सकते हैं। कुलपति प्रोफेसर तारिक मंसूर ने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों तथा छात्रों से आग्रह किया है कि वह भारत सरकार द्वारा सामाजिक दूरी तथा तालाबंदी से सम्बन्धित निर्देशों का सख्ती से पालन करें तथा समय समय पर हाथ धोने तथा मास्क पहन कर सार्वजनिक स्थानों पर जाने की पाबन्दी कर व्यक्तिगत सुरक्षा के नियमों को अपनाऐं।