अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के विधि विभाग में लॉ सोसायटी की ओर से पहला अंतरराष्ट्रीय वर्चुअल सम्मेलन आयोजित किया गया। सम्मेलन का विषय वैकल्पिक विवाद समाधान द्वारा न्याय का भूमंडलीकरण था। इस सम्मेलन में अमेरिका, ब्राजील, इंडोनेशिया के प्रतिनिधियों ने भाग लिया और वैकल्पिक समाधान के अंतरराष्ट्रीय स्वरूप से परिचित कराया।
इस मौके पर कुलपति प्रो. तारिक मंसूर ने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान बिना मुकदमेबाजी के मतभेद के सुलझाने के सिद्धांत पर आधारित है। इसका सबसे अच्छा उदाहरण लोक अदालत है, जहां बहुत कम समय में विवादों का समाधान किया जा सकता है। कार्यक्रम में मीडियेशन सेंटर इंडोनेशिया के डायरेक्टर फहमी शाहब ने कहा कि मीडिया का दायित्व होता है कि वह पार्टी के मुद्दों को समझे और उन्हें समझाने में मदद करें। इरम माजिद ने कहा कि वैकल्पिक विवाद समाधान की सबसे बड़ी विशेषता यह है कि आप पूरे विश्व में कहीं भी लागू कर सकते हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए लॉ फैकल्टी के डीन प्रो. शकील समदानी ने कहा कि यह व्यवस्था भारत में किसी न किसी रूप में प्राचीन काल से प्रचलित है।