अध्ययन में मफल फर्नेस की मदद से सिंगल और डबल थर्मल रिडक्शन प्रक्रिया के जरिये एक्सपेंडेट ग्रेफाइट तैयार किया गया। डबल थर्मल रिडक्शन तकनीक से बने आरजीओ की विद्युत चालकता में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई।
इस प्रोजेक्ट का पेटेंट हो चुका है। अब व्यावसायिक की तैयारी शुरू हो चुकी है। कंपनियों से बात की जा रही है। हाइड्रोजन कार में फ्यूल सेल का इस्तेमाल होगा, जो आने वाले समय में बाजार में आने वाली है। -डॉ. सैयद जावेद अहमद रिजवी, एसोसिएट प्रोफेसर, एएमयू
पॉलिमर और कार्बन फाइबर का होगा इस्तेमाल
अब तक इस्सेमाल की जा रही प्लेट को बनाने में भारी और महंगी ग्रेफाइट या अन्य धातुओं का इस्तेमाल हो रहा था। वैज्ञानिकों ने नई फ्यूल सेल तकनीक से पॉलिमर (प्लास्टिक जैसी सामग्री) और कार्बन फाइबर को मिलाकर नई तरह की प्लेट बनाई है, जो हल्की होने के साथ किफायती भी है।
उर्जा के क्षेत्र में खुलेंगे नए रास्ते
फ्यूल सेल ऐसी तकनीक है, जिससे बिना प्रदूषण के बिजली बनाई जा सकती है। दुनिया भर में इसे स्वच्छ ऊर्जा के रूप में तेजी से अपनाया जा रहा है। मिश्रण से तैयार कंपोजिट बाइपोलर प्लेट में बेहतर विद्युत चालकता, कम घनत्व और कम जल अवशोषण जैसे गुण पाए गए। यह तकनीक भविष्य में स्वच्छ और टिकाऊ ऊर्जा उत्पादन के लिए फ्यूल सेल तकनीक को मजबूत आधार दे सकती है।