अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय छात्रसंघ के पूर्व अध्यक्ष फैजुल हसन और एएमयू छात्र मयंक ने प्रवासी मजदूरों के लिए रिटर्न टू वर्क नाम से मुहिम छेड़ी गई है। इसके लिए फ्रीडम एंप्लॉयविलिटी एकेडमी के माध्यम से मदद की जाएगी। जिसमें साढ़े सात करोड़ रुपये इस काम के लिए संस्थान ने खर्च करने का लक्ष्य रखा है।
इसके तहत वह मजदूर जो लॉकडाउन के चलते अपने काम वाले स्थान से घर आ गए थे अब उनको उनके गृह नगर से काम वाले स्थान तक पहुंचाने का कार्य किया जाएगा। जिससे उनके घर का चूल्हा जल सके।
इस अभियान के बारे में फैजुल हसन ने बताया सरकार से लेकर संस्थाओं ने इस बात पर तो ध्यान दिया कि शहरों में फंसे कामगारों को उनके घर तक पहुंचा दिया जाए, लेकिन अब सवाल ये है कि ये लोग घर पर कब तक रहेंगे। अब जैसे-जैसे अनलॉक हो रहा है और धीरे-धीरे फैक्टरी और कारखाने शुरू हो रहे हैं, जरूरत इस बात की है कि इन मजदूरों को, कामगारों को इनके कार्य स्थल तक पहुंचाया जाए।
इसी बात को ध्यान में रखकर यह अभियान शुरू किया गया है। इसके अलावा उन्होंने अपील की कि अधिकांश मजदूर सोशल मीडिया पर सक्रिय नहीं हैं। इसलिए जो मजदूरों के संपर्क में लोग हैं संस्था के विषय में जानकारी दें। संस्था पूरे देश के मजदूरों के लिए काम कर रही है। सहायता प्राप्त करने के लिए मजदूर का आधार कार्ड और मोबाइल नंबर पर्याप्त है।