अमुवि परिसर में नये सत्र की शुरूआत पर लगाये गये संदेश बोर्ड।
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‘मजहब नहीं सिखाता आपस में बैर रखना, हिंदी हैं हम, वतन है हिंदोस्तां हमारा..।’ इकबाल की पंक्तियां अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय में वीसी लॉज के सामने लगी है। मेटल के शानदार प्लेट पर अंकित इस ‘अनमोल वचन’ को बहुत ही बेहतरीन तरीके से लोहे के खंभे पर सजाया गया है ताकि सड़क से गुजरने वालों की नजर ठीक से पड़े। ऐसे ही अन्य कई ‘अनमोल वचन व विचार’ बाब-ए-सैयद से लेकर आर्ट फैकल्टी तक लगे हुए हैं, जो न सिर्फ एएमयू में दाखिला लेने वाले नए छात्रों बल्कि पुराने छात्रों को भी अपनी ओर आकर्षित कर प्रेरक संदेश दे रहे हैं।
एएमयू मीडिया कमेटी के सदस्य प्रो. आसिम सिद्दीकी कहते है कि बचपन में स्कूल में ऐसे अनमोल वचन दीवारों पर अंकित होते थे। शिक्षा का यही उद्देश्य भी है। इन प्रेरक विचारों में बहुत शक्ति होती है। अच्छे कार्यों की प्रेरणा मिलती है। महापुरुषों के प्रेरक वचन मानवता एवं इंसानियत का संदेश देते हैं। इसी उद्देश्य में इस बार एएमयू में लगाया गया है। मुहम्मद साहब एवं सर सैयद अहमद खान सहित अन्य कई महापुरुषो के जिंदगी बदलने वाले प्रेरक विचार लगाए गए हैं। राह से गुजरने वाले लोग इसे बेहद पसंद कर रहे हैं। एएमयू एपीआरओ जीशान अहमद ने बताया कि इसे लगाने में एएमयू के जेडएच कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी के आर्किटेक इंजीनियरिंग विभाग से सहयोग लिया गया है।